Sadhguru Health Update: सद्गुरु को तेज सिर दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. स्कैन में पाया गया कि उनके दिमाग में ब्लीडिंग हो रही है और सूजन भी आ गई है. जिसके बाद ऑपरेशन का फैसला किया गया.
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Sadhguru Health Update: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरू सद्गुरु जग्गी वासुदेव की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और उनकी सर्जरी हुई है. एक सीनियर डॉक्टर ने बुधवार को एक बयान में कहा कि की खोपड़ी में "जानलेवा" ब्लीडिंग के बाद नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में सद्गुरु की इमरजेंसी सर्जरी की गई और अब वह ठीक हो रहे हैं. अस्पताल ने कहा कि सद्गुरु पिछले चार सप्ताह से गंभीर सिरदर्द से पीड़ित थे. दर्द की गंभीरता के बावजूद, उन्होंने अपना सामान्य दैनिक कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियां जारी रखीं और 8 मार्च को एक महा शिवरात्रि समारोह भी आयोजित की.
इस बीच, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने आध्यात्मिक नेता से बात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया,"सद्गुरु जेवी जी से बात की और उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की." मोदी के संदेश का जवाब देते हुए सद्गुरु ने कहा कि वह प्रधानमंत्री की चिंता से ''अभिभूत'' हैं. सद्गुरु ने लिखा,"प्रिय प्रधानमंत्री जी, मुझे आपकी चिंता नहीं होनी चाहिए. आपके पास चलाने के लिए एक राष्ट्र है. आपकी चिंता से अभिभूत हूं, मैं ठीक होने की राह पर हूं. धन्यवाद."
15 मार्च को सद्गुरु का सिरदर्द बेहद गंभीर हो गया, तोह उन्होंने लगभग 3:45 बजे दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर सलाहकार न्यूरोलॉजिस्ट डॉ विनीत सूरी से कंसल्ट किया. डॉ विनीत सूरी को तुरंत सब-ड्यूरल हेमेटोमा का संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल एमआरआई की सलाह दी. सद्गुरु ने उसी दिन शाम 4:30 बजे इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में मस्तिष्क का एमआरआई कराया, और इसमें मस्तिष्क में बड़े पैमाने पर ब्लीडिंग का पता चला.
रिपोर्ट में बताया गया 3-4 सप्ताह की अवधि के क्रोनिक रक्तस्राव के साथ-साथ 24-48 घंटे की अवधि के एक और ताजा रक्तस्राव का सबूत था. सद्गुरु को तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई थी, लेकिन 15 मार्च को शाम 6 बजे उनकी महत्वपूर्ण बैठकें थीं. डॉ. सूरी के अनुसार, सद्गुरु ने कहा कि "मैंने अपने पिछले 40 सालों में कभी भी एक भी बैठक नहीं छोड़ी है", और गंभीर और पीड़ादायक लक्षणों के बावजूद, उन्होंने दर्द निवारक दवाओं के सहारे सभी बैठकों में शिरकत की.
डॉ. सूरी के अनुसार 17 मार्च को, जब सद्गुरु एडमिट होने के लिए लिए सहमत हुए, तो उन्होंने कहा,"अब आपके लिए प्रक्रिया करने का समय आ गया है". 17 मार्च को सद्गुरु की न्यूरोलॉजिकल कंडीशन तेजी से बिगड़ रही थी और सीटी स्कैन से पता चला कि उनके दिमाग में सूजन बढ़ोतरी हुई है और दिमाग का एक तरफ खिसकना जीवन के लिए खतरा है.