डॉ कफील की रिहाई का हुक्म सरकार के मुंह पर तमाचा: समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी ने ट्वीट किया, ''इलाहाबाद हाईकोर्ट से डॉक्टर कफील खान की फौरन रिहाई का हुक्म दमनकारी और अत्याचारी सत्ता (जाबिराना और ज़ालिमाना) इक्तेदार के मुंह पर करारा तमाचा है.

डॉ कफील की रिहाई का हुक्म सरकार के मुंह पर तमाचा: समाजवादी पार्टी
फाइल फोटो

लखनऊ: डॉक्टर कफील खान (Dr Kafeel Khan) को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से राहत मिलने के बाद अपोज़ीशन पार्टियां योगी हुकूमत पर हमलावर हो गई हैं. समाजवादी पार्टी ने अदालत के इस फैसले को 'दमनकारी' सत्ता (जाबिराना इक्तेदार) के मुंह पर करारा तमाचा करार दिया है. वहीं कांग्रेस की कौमी जनरल सैक्रेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें उम्मीद है योगी हुकूमत डॉ. कफील खान को जल्द रिहा कर देगी.

समाजवादी पार्टी ने ट्वीट किया, ''इलाहाबाद हाईकोर्ट से डॉक्टर कफील खान की फौरन रिहाई का हुक्म दमनकारी और अत्याचारी सत्ता (जाबिराना और ज़ालिमाना) इक्तेदार के मुंह पर करारा तमाचा है! दंभी भूल जाते हैं अदालतें खुली हैं इंसाफ के लिए! सियासी फायदे और नफरत की सियासत के तहत कार्रवाई करने वाले सीएम माफी मांगें. सत्यमेव जयते!''

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ''आज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डॉ. कफील के ऊपर से रासुका (NSA) हटाकर उनकी फौरी तौर पर रिहाई का हुक्म दिया. उम्मीद है कि यूपी हुकूमत डॉ कफील खान को बगैर किसी विद्वेष के बगैर ताखीर के रिहा करेगी. डॉ कफील खान की रिहाई की कोशिशों में लगे तमाम इंसाफ पसंद लोगों व उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कारकुनों को मुबारकबाद.''

बता दें कि डॉ. कफील खान ने रासुका (NSA) के तहत हिरासत में लिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की थी. गुज़िश्ता 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कफील की अर्ज़ी पर समाअत करते हुए हुक्म दिया था कि इलाहाबाद हाई कोर्ट NSA के तअल्लुक में पेंडिंग उनकी बीवी की अर्ज़ी पर 15 दिन में समाअत पूरी करे.

याद रहे कि डॉ. कफील पर शहरियत तरमीमी कानून (CAA) की मुखालिफत के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में भड़काऊ बयान बाज़ी देने का इल्ज़ाम लगा था. उन्हें यूपी एटीएस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था. आज़मगढ़ पुलिस ने कफील पर NSA (National Security Act) के तहत कार्रवाई की थी. उन्हें मथुरा जेल में रखा गया था. फिलहाल वह मथुरा जेल में ही बंद हैं. अदालत के हुक्म के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ गहो गया है.