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शब्बीर शाह को मिलेगी बेल या जाएंगे जेल, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

Shabir Shah Bail Plea: दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकी फंडिंग केस में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

शब्बीर शाह को मिलेगी बेल या जाएंगे जेल, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

Shabir Shah Bail Plea: दिल्ली हाईकोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. शब्बीर शाह इस समय 2017 से आतंकी फंडिंग के मामले में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की हिरासत में हैं. उन्होंने अपनी जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

शब्बीर शाह के खिलाफ अब तक 24 मामले दर्ज हैं. इनमें से 18 मामलों में उन्हें आरोपित किया गया है, 3 मामले खारिज हो चुके हैं और 3 मामलों की जांच अभी चल रही है. उनके वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने कोर्ट में तर्क दिया कि शब्बीर शाह के खिलाफ एनआईए की चार्जशीट में कोई ठोस सबूत नहीं है. उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) की धारा 43D(5) के तहत गलती से उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि उनके खिलाफ कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं हो सकी है.

वकील ने क्या दी दलील
वकील ने कहा कि शब्बीर शाह पिछले छह सालों से हिरासत में हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई अपराध साबित नहीं हुआ. साथ ही कहा गया कि एनआईए की जांच में भी शब्बीर शाह का नाम मुख्य आरोपपत्र या पहले पूरक आरोपपत्र में नहीं है. केवल दूसरे पूरक आरोपपत्र में उनका नाम शामिल किया गया और 2019 में उन्हें गिरफ्तार किया गया.

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शब्बीर पर लगा है संगीन इल्जाम
शब्बीर शाह पर इल्जाम है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन को भड़काने, आतंकियों को समर्थन देने और पाकिस्तान की ISI के संपर्क में रहने का काम किया. आरोप है कि वे जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भड़काऊ भाषण देते थे और भारत विरोधी माहौल तैयार करते थे. उनके घर से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए थे. हालांकि, बचाव पक्ष का कहना है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक कृत्य साबित नहीं हुआ है. इसके अलावा, शब्बीर शाह 1998 में जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के संस्थापक रहे हैं, जिसका उद्देश्य भाईचारा, धार्मिक सहिष्णुता और क्षेत्रीय संवाद को बढ़ावा देना था.

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