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Sanjauli Mosque Controversy: हिमाचल प्रदेश के शिमला में संजौली मस्जिद पिछले साल से ही बवाल जारी है. इस बीच, हिंदू संगठनों ने मस्जिद को गिराने के लिए विरोध प्रदर्शन किया है. हाल के दिनों में हिंदू संगठनों से जुड़ी महिलाएं संजौली मस्जिद में नमाज़ पढ़ने से रोक रही हैं, जिससे काफी विवाद हुआ है. लेकिन यह विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है.
संजौली में आज हिंदू संघर्ष समिति (Hindu Sangharsh Samiti) की तरफ से शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया. यह आयोजन समिति के अनशन के 10वें दिन में प्रवेश करने के मौके पर किया गया. आयोजकों का कहना है कि इस पूजन का उद्देश्य “सनातन जागरण” का संदेश फैलाना है.
हिंदू संगठन के नेताओं ने काटा बवाल
इस मौके पर समिति के नेता विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी तरह के छल से काम न लिया जाए. समिति का आरोप है कि सरकार अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों को संरक्षण दे रही है. नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
प्रशासन को दी अल्टीमेटम
समिति को 29 नवंबर को प्रस्तावित प्रशासनिक बैठक से कुछ सकारात्मक उम्मीदें हैं, लेकिन नेताओं का कहना है कि अगर बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला तो संघर्ष जारी रहेगा. विजय शर्मा ने कहा कि सनातन समाज अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाला नहीं है. हालांकि, विजय शर्मा के उस बयान पर भी चर्चा तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वे शुक्रवार को संजौली मस्जिद में नमाज़ न करें.
हिंदू नेता ने क्या कहा?
उन्होंने यह भी कहा कि किसी तरह का उकसाने वाला कदम न उठाया जाए और शांति बनी रहे. इस बयान के बाद इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. वहीं, हिंदू नेता मदन ठाकुर ने लोगों से अपने घर की सुरक्षा के लिए हथियार रखने तक की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन बातचीत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई आगे नहीं बढ़ा रहा है. मदन ठाकुर ने कहा कि अगर 29 नवंबर की बैठक में सकारात्मक परिणाम नहीं आए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. उनके मुताबिक हिंदू समाज अदालत के आदेशों को सख्ती से लागू कराने की मांग कर रहा है.