शिरोमणि अकाली दल ने छोड़ा भाजपा का दामन, किसान बिल को लेकर थी अनबन

दोनों पार्टियों में किसान बिल को लेकर अनबन चल रही थी. 

शिरोमणि अकाली दल ने छोड़ा भाजपा का दामन, किसान बिल को लेकर थी अनबन
फाइल फोटो

नई दिल्ली: NDA हिमायती और पंजाब असेंबली में अपोज़ीशन का किरदार अदा कर रही शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने 23 साल बाद भाजपा का दामन छोड़ दिया है. यह फैसला SAD की कोर कमेटी में लिया गया है. दोनों पार्टियों में किसान बिल को लेकर अनबन चल रही थी. सुखबीर बादल ने कहा है कि पंजाब मुखालिफ पार्टी के साथ हम इत्तेहाद नहीं रख सकते.

कोर कमेटी की बैठक बाद अकाली दल ने बयान जारी कर कहा, "शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने MSP पर किसानों की फसलों की खरीद की गारंटी देने से मना करने की वजह से बीजेपी की कयादत वाले एनडीए गठबंधन से बाहर होने का फैसला किया है. साथ ही मरकज़ी हकूमत की पंजाबी और सिख मुद्दों के तईं बेहिसी जारी है."

इससे पहले अकाली दल की लीडर हरसिमरत कौर ने भी इसी अनबन को लेकर मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. साथ ही पंजाब कांग्रेस भी SAD पर NDA से अलग होने का दबाव बना रही थी. कांग्रेस का कहना था कि जब कैबिनेट मिनिस्टर के ओहदे से इस्तीफा दे दिया तो अकाली दल अभी भी NDA का हिस्सा क्यों है.

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बता दें कि पंजाब में किसान बिल की मुखालिफत ज़ोरो से चल रही है. किसानों ने रेल रोको आंदोलन चलाया हुआ. हालांकि यह आंदोलन 24 से 26 सितंबर तक ऐलान किया गया था लेकिन आज सुबह इसे बढ़ाकर 29 सिंतबर तक कर दिया है. 

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