कोरोना के खौफ से बेटे ने बाप की लाश लेने से किया इंकार, फिर मुस्लिम शख्स ने अंजाम दी आखिरी रसूमात

जावेद जकारिया ने कहा हिंदुस्तानी समाज का जो ताना-बाना है, जिसमें लोग बगैर मज़हब, जाति देखे एक दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं उसे कोई भी बीमारी खत्म नहीं कर सकती.

कोरोना के खौफ से बेटे ने बाप की लाश लेने से किया इंकार, फिर मुस्लिम शख्स ने अंजाम दी आखिरी रसूमात

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