US News: Stanford University में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ में शामिल 12 छात्रों पर फेलनी वैंडलिज़्म और घुसपैठ की साजिश का मामला दर्ज. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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US News: अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पिछले साल हुए एक फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन के मामले में अब 12 लोगों पर संगीन इल्जाम लगाए गए हैं. इन सभी पर फेलोनी वैंडलिज़्म (भारी तोड़फोड़) और साज़िश के तहत गैरकानूनी तरीके से घुसपैठ करने के इल्जाम हैं. ये सभी आरोपी स्टैनफोर्ड के मौजूदा या पूर्व छात्र हैं, जिनकी उम्र 19 से 32 साल के बीच है.
क्या हुआ था प्रदर्शन में?
यह घटना 5 जून 2024 की है, जो यूनिवर्सिटी में वसंत सत्र (स्प्रिंग सेमेस्टर) का अंतिम दिन था. प्रदर्शनकारियों ने सुबह-सुबह यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट के ऑफिस वाली बिल्डिंग पर कब्ज़ा कर लिया था. कुछ स्टूडेंट अंदर घुस गए और खुद को अंदर बंद कर लिया, जबकि दूसरे ने बिल्डिंग के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया. सभी प्रदर्शनकारी “फिलिस्तीन को आज़ादी मिले” जैसे नारे लगा रहे थे.
यह प्रोटेस्ट करीब तीन घंटे चला. इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग की खिड़कियां तोड़ दीं, दीवारों पर स्प्रे पेंट किया, फर्नीचर तोड़ा, सुरक्षा कैमरे बंद किए और नकली खून जैसी लाल तरल चीजें पूरे परिसर में बिखेर दी. अधिकारियों का कहना है कि इस घटनाक्रम से लाखों डॉलर का नुकसान हुआ.
छात्रों पर लगे संगीन इल्जाम
पुलिस को गिरफ्तार किए गए छात्रों के मोबाइल से पता चला कि यह सब पहले से ही योजनाबद्ध था. उनके फोन में एक “DIY (खुद करो) व्यवसाय गाइड” भी मिला. हालांकि, गिरफ्तार किए गए एक स्टूडेंट जर्नलिस्ट पर इल्जाम नहीं लगाया गया क्योंकि वह सिर्फ रिपोर्टिंग कर रहा था. अब इन 12 छात्रों को इस महीने के आखिर में सैन जोस कोर्ट में पेश किया जाएगा.
गौरतलब है कि गाजा पर इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 को हमला किया था. यह हमला अभी तक जारी है. इस हमले में कम से कम 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. जबकि 1 लाख से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं. इनमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. इसी हमले को रोकने के लिए दुनियाभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे.