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इंदौर : कोरोना वॉरियर्स की हिफाज़त को लेकर रियासती हुकूमतें लगातार कोशिश कर रही हैं. लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर में डीएम मनीष सिंह ने 10 सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ सेवा बर्खास्त की कार्रवाई शुरू कर दी है. डीएम मनीष सिंह का साफ कहना है कि इन सभी सरकारी डॉक्टर्स को सर्विस से बर्खास्त किया जाएगा.
दरअसल ये सभी सरकारी डॉक्टर कई नोटिस के बावजूद काम पर नहीं आ रहे थे. जिसके बाद डीएम मनीष सिंह ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी डॉक्टर्स को कारण बताओ नोटिस देने और डिपार्टमेंटल जांच शुरू करने के बाद नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
निजी हॉस्पिटल्स की जांच के बाद सरकारी सेहत महकमे में भी सख्ती शुरू की और अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा अब सरकारी डॉक्टर्स पर भी गाज गिरने लगी है , दरअसल कई नोटिस के बावजूद अभी भी कई सरकारी डॉक्टर काम पर नहीं आ रहे हैं.
इनमें डॉ. मधु भागर्व सिविल डिस्पेंसरी जूनी इंदौर, डॉ. रीना जायसवाल जिला चिकित्सालय, डॉ. नीलम वरजवाल जिला चिकित्सालय, डॉ.वीएस होरा स्थानीय कार्यालय, डॉ. डॉ. प्रीति शाह भंडारी अरण्य नगर, डॉ.मधु व्यास एमओजी लाइन, डॉ. भारती द्विवेदी जिला चिकित्सालय, डॉ. सतीश नेमा जिला चिकित्सालय और डॉ. प्रियंका सखरिया पीएचसी होल्कर कालेज ये सभी 9 सरकारी डॉक्टर्स काम पर नहीं आ रहे हैं.
वहीं एक अन्य खातून डॉक्टर डॉ. रुचि शेखावत को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. फिलहाल सभी लोगों की कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही इनकी विभागीय जांच भी शुरू करवा दी गई है. डीएम ने कहा कि कार्रवाई कर सभी लोगों को बर्खास्त कर दिया जाएगा.
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