Sudan Civil War: जमजम रिफ्यूजी कैंप पर बमबारी से बचकर भाग रहे 4,00,000 लोगों में से ज्यादातर लोग उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी एल फशेर और तावीला शहरों की ओर चले गए, जहां लोग पहले से ही भारी तनाव में हैं.
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Sudan Civil War: सूडान में गृहयुद्ध छिड़ने के बाद लोग जान बचाने के लिए रिफ्यूजी कैंप भागे, लेकिन यहां भी वह सुरक्षित नहीं है. सूडानी सेना और अद्धसैनिक बलों के बीच हिंसक झड़प हुई है. इस झड़प के बाद जमजम रिफ्यूजी कैंप पर भीषण बमबारी हुई है. इस बमबारी से बचने के लिए 400,000 लोगों में से ज्यादातर लोग दूसरे रिफ्यूजी कैंप में शरण ली, लेकिन वहां भी बमबारी की गई. संयुक्त राष्ट्र मानवीय एजेंसी ने यह जानकारी दी.
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा, "जमजम तक पहुंच पूरी तरह से अवरुद्ध है. स्थानीय प्राधिकारियों और साझेदारों की रिपोर्ट से पता चलता है कि सशस्त्र समूह अल फशर और आस-पास के क्षेत्रों, जिसमें अबू शौक शिविर भी शामिल है, पर गोलाबारी जारी रखे हुए हैं, जिससे वहां रहने वाले सभी नागरिक स्पष्ट रूप से भारी खतरे में हैं."
जमजम रिफ्यूजी कैंप भाग रहे हैं लोग
जमजम रिफ्यूजी कैंप पर बमबारी से बचकर भाग रहे 4,00,000 लोगों में से ज्यादातर लोग उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी एल फशेर और तावीला शहरों की ओर चले गए, जहां लोग पहले से ही भारी तनाव में हैं. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, कार्यालय ने कहा कि असुरक्षा के बावजूद सहायता संगठन तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय सहयोगियों ने तवीला में 1,700 मीट्रिक टन आपातकालीन भोजन वितरित किया. इस बीच, एक स्थानीय भागीदार ने एल फशर में 10,000 नए विस्थापित लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर ट्रकिंग पहल शुरू की.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कही ये बड़ी बात
अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन, तावीला में तत्काल जरुरतों और प्रतिक्रिया प्राथमिकताओं का निर्धारण करने के लिए मानवीय मूल्यांकन कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने बताया कि उसकी एक टीम गुरुवार को ग्रेटर खार्तूम पहुंची, जहां वह देश की राजधानी में सहायता बढ़ाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है.
UN के अधिकारी ने क्या कहा?
दुजारिक ने कहा, "डब्ल्यूएफपी का लक्ष्य आने वाले महीने में लगभग 1 मिलियन लोगों तक सहायता पहुंचाना है. डब्ल्यूएफपी ने यह भी कहा कि 280 मीट्रिक टन से ज्यादा खाद्य और पोषण आपूर्ति ले जाने वाले 14 ट्रकों का एक काफिला खार्तूम के दक्षिण में स्थित जबल अवलिया में पहुंचा है, यह आगमन गुरुवार सुबह हुआ. यह क्षेत्र उन क्षेत्रों में से एक है जहां अकाल का खतरा सबसे ज्यादा है, इसलिए आपूर्ति की बहुत आवश्यकता है." जमजम शिविर और सूडान के कई अन्य स्थानों में पहले ही अकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है.