अदालत ने सरकार से पूछा कि एक्याआई 500 से 200 तक कैसे लाया जा सकता है? जल्दी कोई उपाय करें. जरूरत पड़े तो दो दिन के लॉकडाउन या कुछ और सोचें.
Trending Photos
)
नई दिल्ली: दिल्ली NCR में बढ़ते प्रदूषण पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. इस दौरान अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से नाराजगी जताई. अदालत ने सरकार को दो दिन के लॉकडाउन जैसे कदमों पर विचार करने की सलाह दी है. अदालत ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के जैसे हालात हैं उन पर जल्दी काबू पाने की जरूरत है.
उच्चतम न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि हर बार किसानों को दोषी ठहराना फैशन बन गया है. केंद्र सरकार 15 नवंबर को आपातकालीन योजना लेकर आए. इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि आज इस पर एक बैठक बुलाई गई है. उन्होंने कहा, “मैं किसी राज्य को या किसानों को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा हूं. हम कदम उठा रहे हैं.”
यह भी देखिए: कैच छोड़ने पर हसन अली के पिता ने दिया बड़ा बयान, बेटे को लेकर कह डाली यह बात
सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि हालात बहुत खराब हो गए हैं. हम घर पर भी मास्क लगाते हैं. आप यह बताइए कि वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए क्या किया गया है. पराली जलाने से हालात खराब हुए हैं तो इसे रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? CJI ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में प्रदूषण सिर्फ किसानों की वजह से है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण में धुआं कुछ ही प्रतिशत है बाकी प्रदूषण का क्या? इसके लिए कौन जिम्मेदार है. सीजेआई ने पूछा कि पटाखों पर क्यों बैन नहीं हुआ. 7-8 दिनों से क्या हो रहा है? दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? CJI ने कहा कि हमें इस सरकार या उस सरकार से कोई लेना देना नहीं है. सवाल है परियोजनाओं को अच्छी तरह से लागू करना.
अदालत ने सरकार से पूछा कि एक्याआई 500 से 200 तक कैसे लाया जा सकता है? जल्दी कोई उपाय करें. जरूरत पड़े तो दो दिन के लॉकडाउन या कुछ और सोचें. अदालन ने तुषार मेहता से पूछा है कि केंद्र सरकार क्यों किसानों से पराली नहीं लेता.
सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट को केंद्र और राज्य बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में बताएंगे.
ख्याल रहे कि दिल्ली में दिवाली के बाद से वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. इसमें धूल, पटाखों का धुआं और पराली का धुआं है. इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर सरकारों से प्रभावी कदम उठाने को कहा है.
ZEE SALAAM LIVE TV: