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Umar Khalid Bail Hearing: साल 2020 से जुड़े दंगे के केस में उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफशां फातिमा और मीरान हैदर जेल में बंद हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. इसके बाद, सभी आरोपियों ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया और जमानत याचिकाएं दायर कीं. इन याचिकाओं पर आज सुनवाई होनी है. इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 22 सितंबर को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. सुनवाई के दौरान सीनियर वकीलों ने यह दलील दी थी कि उमर खालिद बिना मुकदमे के पांच साल से जेल में हैं, जो न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है. इससे पहले 19 सितंबर को अदालत में सुनवाई नहीं हो पाई थी. जस्टिस अरविंद कुमार ने तब कहा था कि उनके सहयोगी न्यायमूर्ति मनमोहन इस मामले से खुद को अलग रखना चाहते थे, क्योंकि वे पहले सीनियर वकील कपिल सिब्बल के साथ एक ही चैंबर में काम कर चुके थे.
कपिल सिब्बल ने की थी कोर्ट से ये गुजारिश
उमर खालिद और दूसरे की तरफ से सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए. दोनों ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की थी कि मामले की सुनवाई दिवाली से पहले की जाए ताकि याचिकाकर्ता त्योहार से पहले जेल से बाहर आ सकें. कोर्ट ने इस पर सहमति जताई थी, लेकिन सुनवाई तय समय पर नहीं हो सकी.
आरोपियों ने खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले उमर खालिद और उनके साथियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा था कि बिना मुकदमे के लंबी कैद न्याय प्रणाली पर सवाल खड़े करती है.