Sydney Attack: शनिवार को सिडनी के एक शॉपिंग सेंटर में एक शख्स ने चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में सात लोगों की जान गई है. इस दौरान यहां एक भारतीय कपल भी मौजूद था. पढ़ें पूरी खबर
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Sydney Attack: शनिवार को सिडनी के एक शॉपिंग सेंटर में एक शख्स ने चाकू से हमला करते हुए छह लोगों की हत्या कर दी. हालांकि, इसके बाद पुलिस ने इस शख्स को गोली मार दी. इस दौरान एक भारतीय कपल भी मॉल में मौजूद था, जिसने आपबीती सुनाई है. कपल कहना है कि उन्होंने खुद को गत्ते के पीछे छिपा लियाथा और बॉक्स से खुद को बंद कर लिया था.
सिडनी से शोई घोषाल ने बीबीसी को बताया कि वह और उनके पति देबाशीष चक्रवर्ती बॉन्डी जंक्शन के वेस्टफील्ड शॉपिंग सेंटर में थे, इसी दौरान हमला शुरू हो गया. घोषाल ने कहा कि उन्होंने कुछ लोगों को दुकान के अंदर भागते हुए सुना और सोचा कि आग लग गई है, लेकिन "लोग कह रहे थे कि कोई चाकू से हमला कर रहा है." उन्होंने आगे कहा,"हम एक पीछे के कमरे, एक स्टोर रूम में चले गए, और खुद को छिपाने लिए बक्सों का इस्तेमाल किया. इस दौरान दुकान में 20-25 लोग छिपे हुए थे."
घोषाल ने कहा कि एक बुजुर्ग महिला अपने पति के लिए रो रही थी जो अभी भी बाहर था. उन्होंने बताया कि कैसे जब समूह ने पुलिस को फोन किया, तो उन्होंने उन्हें बताया कि क्या हो रहा था और उन्होंने कहा कि "वहां रहें, शांत रहें". बाद में ग्रुप को को मॉल के आपातकालीन निकास के माध्यम से निकाला गया, जहां उन्हें पुलिस कारों का झुंड दिखाई दिया.
उन्होंने मीडिया संस्थान को बताया,"यह बहुत ही भयानक था. यह आपके दिमाग में चलता है कि आप पीड़ितों में से एक हो सकते हैं. हम आभारी हैं कि हम सुरक्षित हैं और हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जो पीड़ित हुए हैं. यह उनके परिवारों के लिए भयानक है.” बता दें इस हमले में मौके पर ही चार औरतें और एक आदमी की मौत हुई है. वहीं पांचवी और औरत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
आठ लोगों को अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिसमें एक 9 महीने का बच्चा भी है. अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध 40 वर्षीय व्यक्ति है, लेकिन वे औपचारिक पहचान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और कहते हैं कि उसकी मंशा के बारे में "अटकल लगाना जल्दबाजी होगी".
पुलिस ने कहा कि घटनास्थल के पास मौजूद एक सीनियर महिला अधिकारी सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाली थी और उसने संदिग्ध को गोली मारने से पहले उस पर हमला करते हुए देखा था. प्रधान मंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने उस अधिकारी की "नायक" के रूप में प्रशंसा की है. पैरामेडिक्स के आने तक उसने सीपीआर का संचालन किया लेकिन संदिग्ध को पुनर्जीवित नहीं किया जा सका.