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Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंआतंकी साजिशों का आरोपी साकिब का शव पहुंचा पैतृक गांव, जानें कब किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

आतंकी साजिशों का आरोपी साकिब का शव पहुंचा पैतृक गांव, जानें कब किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

Saquib Nachan Funeral: साकिब की मौत दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जहां उसे ब्रेन हैमरेज के बाद भर्ती कराया गया था. अब कुछ ही देर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.

आतंकी साजिशों का आरोपी साकिब का शव पहुंचा पैतृक गांव, जानें कब किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

Saquib Nachan Funeral: आतंकी गतिविधियों और बम विस्फोट मामलों में आरोपी साकिब नाचन का शव देर रात उसके पैतृक गांव बोरीवली लाया गया. साकिब की मौत दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जहां उसे ब्रेन हैमरेज के बाद भर्ती कराया गया था. वह तिहाड़ जेल में बंद था और लंबे समय से विचाराधीन कैदी के रूप में रखा गया था.

शव के गांव पहुंचने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हुई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. पुलिस बल की तैनाती पड़घा के मुख्य द्वार पर की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की घटना को रोका जा सके. इसके साथ ही स्थानीय खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

गांव के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को साकिब नाचन को गांव के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा. साकिब नाचन भिवंडी के पड़घा स्थित बोरीवली गांव का निवासी था और उस पर बम धमाकों और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप थे. इस मामले को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सजग थीं और अब उसकी मौत के बाद भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

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साल 2023 में किया गया था गिरफ्तार
इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) से अपने संबंधों और कई आतंकी हमलों में अपनी भूमिका के लिए नाचन को दिसंबर 2023 में गिरफ्तार किया गया था. वह प्रतिबंधित छात्र इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का भी सदस्य रहा. वह पहली बार 1991 में जांच के दायरे में आया था. गुजरात में हुए आतंकी हमलों को लेकर इसे गिरफ्तार किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने माना था दोषी
1990 के दशक के अंत में सुप्रीम कोर्ट ने उसे आतंकवादी गतिविधियों का दोषी ठहराया. वो फिर से सुर्खियों में आया और दिसंबर 2002 और मार्च 2003 के बीच मुंबई में तीन बम विस्फोटों की साजिश रचने के लिए उसे दोषी माना गया. हत्या और हथियार और विस्फोटक रखने सहित कई कृत्यों का दोषी पाए जाने पर उसे 10 साल की सजा मिली थी. उसके बाद वह आईएसआईएस के संपर्क में आया. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वह युवाओं का ब्रेनवॉश करता था और आईएसआईएस में भर्ती होने वालों को व्यक्तिगत रूप से शपथ दिलाता था.

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