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होशियारपुरः पंजाब के होशियारपुर के गढ़दीवाला के नजदीक बहरामपुर इलाके में इतवार को एक बोरवेल में गिरे छह साल के बच्चे की मौत हो गई. बच्चे की पहचान ऋतिक रौशन के रूप में की गई है. वह एक प्रवासी मजदूर का बेटा था. उसे बचाने के लिए सेना और एनडीआरएफ की टीम ने लगभग 6 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन इसके बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बच्चे की मौत पर दुख जताया और लड़के के परिवार के लिए दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की.
उल्लेखनीय है कि ऋतिक की मौत ने दो साल पहले संगरूर जिले में हुई ऐसी ही एक चौंकाने वाली घटना की याद दिला दी जिसमें दो साल के फतेहवीर सिंह की मौत 150 फुट गहरे ‘बोरवेल’ में गिरने से हो गई थी.
150 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया था बच्चा
जानकारी के मुताबिक, बच्चा लगभग 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरने के बाद 150 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया था. उसे जिंदा रखने के लिए पाइप से ऑक्सीजन दिया गया. लेकिन रेस्क्यू टीम बच्चे तक समय पर नहीं पहुंच सकी. कई बार उसे किसी हुक के सहारे उपर लाने की कोशिश की गई, लेकिन वह फिसल कर अंदर गिर गया. अफसरों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, थल सेना के जवानों और स्थानीय लोगों की मदद से ऋतिक को बोरवेल से बाहर निकाला गया. उसे पास के एक राजकीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील भगत ने बताया कि बच्चे का शरीर नीला पड़ गया था और अस्पताल लाए जाने के समय सख्त हो चुका था.
कुत्तों से बचने में बोरवेल में गिर गया था बच्चा
अफसरों के मुताबिक, पंजाब में यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चा खेत में खेल रहा था और इसी दौरान कुछ आवारा कुत्ते ने उसे काटने के लिए दौड़ा दिया. बच्चा कुत्तों से बचने के लिए भागते हुए बोरवेल शाफ्ट पर चढ़ गया. बोरवेल शाफ्ट जूट के बोरे से ढका हुआ था और लड़के का वजन नहीं झेल पाया और बच्चा जूट का बोरा सहित गड्ढे में गिर गया.
होशियारपुर के उपायुक्त संदीप हंस ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी क्योंकि संगरूर की घटना के बाद यह तय किया गया था कि भविष्य में कोई भी बोरवेल खुला नहीं रखा जाएगा.
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