Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2709768
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंवक्फ कानून 2025 के इस प्रावधान पर सवाल उठा रहा विपक्ष, सरकार को ले रहा आड़े हाथों

वक्फ कानून 2025 के इस प्रावधान पर सवाल उठा रहा विपक्ष, सरकार को ले रहा आड़े हाथों

Waqf Law 2025: वक्फ संशोधन कानून 2025 के नए प्रावधान में कहा गया है कि वक्फ में सम्पत्ति दान सिर्फ वही कर सकते हैं, जो कम से कम पांच साल से इस्लाम का पालन कर रहे होंगे. इस प्रावधना को लेकर विपक्ष ने सवाल किया है कि सरकार कैसे तय करेंगी कि  कोई व्यक्ति इस्लाम का पालन करने वाला मुसलमान है.? 

वक्फ कानून 2025 के इस प्रावधान पर सवाल उठा रहा विपक्ष, सरकार को ले रहा आड़े हाथों

Waqf Law 2025: वक्फ संशोधन कानून को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. वक्फ बिल में कई नए नियमों और प्रवाधान को जोड़ा गया है, जिसमें एक भी है कि वक्फ को अपनी जमीन सिर्फ वही दान कर सकते हैं, जो कम से कम पांच साल से इस्लाम का पालन कर रहे होंगे. 

वक्फ के इस प्रावधान का संसद में कई सांसदो ने विरोध किया और सरकार से सवाल भी किया. विपक्ष का कहना है कि इसे आखिर पांच साल ही क्यों रखा गया है और कौन यह प्रमाण-पत्र देगा कि कोई व्यक्ति इस्लाम का पालन करने वाला मुसलमान है.? 
आपको बता दें कि वक्फ कानून 2025 के नियम के मुताबिक इस्लाम को अपनाने वाले किसी भी शख्स को वक्फ में अपनी सम्पत्ति दान करने से पहले पांच साल का इंतिजार करना पड़ेगा.  
 
धर्मांतरण लोगों पर लागू होगा नियम 

मीडिया से बातचीत के दौरान जेपीसी के सदस्य रहे बीजेपी के एक सासंद ने यह साफ किया है कि यह नियम उन लोगों पर लागू नहीं होता है, जिनकी पैदाइश मुसलमान परिवार में हुई हैं और उन्होंने यह भी बताया है कि इस्लाम में धर्मांतरित लोगों को यह समझने का पूरा वक्त मिले कि वे क्या कर रहे हैं. साथ ही लोगों को नसीहत भी की है कि वक्फ को लेकर कही सुनी बात पर आंख बंद करके यकीन नहीं करें.

आर्टिकल 14 के खिलाफ- नदीमुल हक
वक्फ के इस प्रावधान को लेकर टीएमसी सांसद नदीमुल हक ने सवाल किया था कि, "इस कानून में एक शर्त का जिक्र है, कोई व्यक्ति कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन करने के बाद ही वक्फ बना सकता है. मैं पूछना चाहता हूं कि कौन यह प्रमाण पत्र देगा कि कोई व्यक्ति इस्लाम का पालन करने वाला मुसलमान है.? यह असंवैधानिक है और आर्टिकल 14 के खिलाफ है." 

Add Zee News as a Preferred Source

पहचान कैसे करेंगे..? -  सुप्रिया श्रीनेत
वहीं कांग्रेस की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सवाल किया है, "सिर्फ वही लोग दान कर सकते हैं जो पांच साल तक इस्लाम का पालन कर रहे हैं. वे इसे कैसे प्रमाणित करेंगे..? क्या वह मुसलमान के घरों में सीसीटीवी कैमरा लगाने जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन कितनी बार नमाज पढ़ रहा है."

TAGS

Trending news