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जयपुर: राजस्थान में जल्द ही दुनिया की सबसे बड़ी ओपन मॉडर्न आर्ट गैरली में से एक मंडावा आर्ट विलेज खोला जाएगा, जो रेगिस्तान, खूबसूरत हवेलियों, रंगीन कपड़े, ऊंट, रेत और बहुत कुछ की कहानियों को बयां करेगा.
मंडावा आर्ट विलेज की फ्रांसीसी सह संस्थापक अमिता डी एलेसेंड्रो ने डीपीसी, दिल्ली बेस्ड फोटोग्राफी क्लब के डायरेक्ट और संस्थापक वीरेंद्र सिंह शेखावत के साथ कहा कि विचार रचनात्मक अर्थव्यवस्था के जरिए से गांव में रहने वाले लोगों को वैकल्पिक विकल्प प्रदान करना है.
डी एलेसेंड्रो ने कहा, "कला, कला वर्कशॉप्स, आर्ट एक्सपीरियंस, ओपन एयर गैलरी के निर्माण के माध्यम से, हम कलात्मक पर्यटन की एक नई शक्ल तैयार कर रहे हैं जो गांव में रोजगार पैदा करेगा और गांव वालों को बेहतर जिंदगी मुहैया करेगा." मंडावा कला ग्राम परियोजना का मकसद स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देना और गांव से पलायन को रोकना है.
शेखावत ने कहा, "हम मंडावा आने वाले टूरिस्ट्स को एक और आकर्षण प्रदान करने के लिए इसे एक अंतरराष्ट्रीय कला गांव में बदलना चाहते हैं. स्थानीय पुराने कला रूपों को बहाल करना, संरक्षित करना और बढ़ावा देना भी हमारा एक उद्देश्य है. गांव में मिट्टी के बर्तन बनाना, फोटोग्राफी और कई तरह की कला और शिल्प सिखाया जाएगा."
कला गांव के प्रमुख आकर्षणों में से एक अंतरराष्ट्रीय सड़क कलाकारों द्वारा चित्रित दीवारें हैं, जो तुरंत पर्यटकों के साथ तालमेल बिठाती हैं. शेखावत ने कहा कि मंडावा के कला गांव में नई सड़क कला और विरासत भित्तिचित्र भारतीय और विदेशी पर्यटकों के लिए एकदम सही संयोजन हैं.
शेखावत ने आईएएनएस से कहा कि राजस्थान पर्यटन ने हमारे साथ साझेदारी की है और यह परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रचारित और मार्केटिंग करेगा. यह भारत में अपनी तरह की पहली निजी परियोजना है. उन्होंने कहा कि पेरू, इक्वाडोर और मैक्सिको के दूतावास चल रही परियोजना के भागीदार हैं और वे इसे वैश्विक कला गांव बनाने के लिए अपने कलाकारों को भारत भेजेंगे।
(इनपुट:आईएएनएस)
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