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मेरठः उत्तर प्रदेश में योगी राज में पुलिस के बेलगाम होने की अक्सर खबरें आती रहती है. विपक्ष के लोग इल्जाम लगाते रहे हैं कि पुलिस सत्ता पक्ष की गुलाम बनकर रह गई है और कानून का शासन लागू कराने के बजाए भाजपा का हुक्म बजला रही है. लेकिन प्रदेश के एक थाने का वायरल फोटो देखकर ऐसा लगता है कि यहां तो गंगा उल्टी ही बह रही है!
प्रदेश के मेरठ जिले के मेडिकल पुलिस थाने में लगे एक मुबैयना बैनर की तस्वीर शुक्रवार को वायरल हुई जिसमें लिखा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने में आना मना है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर कल से खूब वायरल हो रहा है. वायरल पोस्टर में आगे थाना प्रभारी संतशरण सिंह का नाम भी लिखा हुआ है. वहीँ इस मामले में पुलिस ने शनिवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
अखिलेश यादव ने किया तंज
थाने की दीवार में लगे बैनर की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब समाजवादी पार्टी के सद्र अखिलेश यादव ने उस तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘‘ऐसा पहली बार हुआ है इन पाँच-छह सालों में. सत्तापक्ष के लोगों का आना मना हुआ थानों में. ये है उप्र की भाजपा सरकार का बुलंद इक़बाल.
क्या बोले, पुलिस अधीक्षक
इस संबंध में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने यह काम किया और औ उनकी पहचान कर ली गई है. उन्होंने बताया कि मुल्जिमों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
आपत्तिजनक बैनर लगाने वाले छह आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में मेरठ मेडिकल थाने पर हंगामा करने एवं आपत्तिजनक बैनर लगाने के मामले में पुलिस ने शनिवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभाकर चौधरी ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम शम्भू पहलवान, सागर पोसवाल, कुलदीप मसूरी, अंकुर चौधरी, अमित भड़ाना और अमर शर्मा हैं. भाजपा के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंधन ने स्वीकार किया है कि आरोपी भाजपा कार्यकर्ता हैं. मेरठ में शुक्रवार को दुकान के विवाद में मेडिकल थाने पहुंचे भाजपाइयों ने हंगामा करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी. करीब चार-पांच घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान कुछ लोगों ने थाने के बाहर विवादित पोस्टर भी लगा दिया था, जिसमें लिखा था, ‘‘भाजपा नेताओं क़ा मेडिकल थाने में आना मना है.’’
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