दुनियाभर में सिखों का नाम रौशन करने वाले चेहरे; कई मुल्कों की सरकारों में अहम पदों पर हैं तैनात

लफ्ज़ "सिख" का मतलब है, सीखने वाला, यानी गुरु नानक की सीख को मानने वाला. हिंदुस्तान के पंजाब में गुरु नानक देव ने 15वीं सदी में इस मज़हब की शुरुआत की थी.

दुनियाभर में सिखों का नाम रौशन करने वाले चेहरे; कई मुल्कों की सरकारों में अहम पदों पर हैं तैनात

नई दिल्ली/नदीम अहमद: सिख मज़हब के बानी गुरुनानक देव जी का आज प्रकाश उत्सव है. इस मौके पर हिंदुस्तान भर के गुरुद्वारों में सिखों के तरह तरह के प्रोग्राम किए जा रहे हैं. आए गुरु नानक जी की जयंती के मौके पर सिख मज़हब के जुड़ी कुछ बातें जानते हैं. और जानते यह भी कि दुनिया में सिखों की क्या अहमियत है या उन्होंने अपनी क्या अहमियत दुनिया कायम कर रखी है. 

लफ्ज़ "सिख" का मतलब है, सीखने वाला, यानी गुरु नानक की सीख को मानने वाला. हिंदुस्तान के पंजाब में गुरु नानक देव ने 15वीं सदी में इस मज़हब की शुरुआत की थी. कुछ शागिर्दों के साथ शुरू हुआ बाबा नानक का ये कुनबा आज सात समंदर पार तक छा गया है. 

आज दुनिया भर में 2.5 करोड़ से ज़्यादा सिख आबादी बस्ती है. इसमें से 83% हिंदुस्तान के साथ 17% बाकी दुनिया के मुल्कों में बसे हैं. इनके अलावा दुनिया में तक़रीबन 15 करोड़ लोग हैं जो सिखों के मुक़द्दस गुरुग्रंथ साहिब पर यकीन करते हैं और सिख गुरुओं को मानते हैं. उनके मुताबिक़ अपनी ज़िंदगी गुज़र-बसर करते हैं. 

हिंदुस्तान के अलावा कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे तमाम मुल्कों में सिखों का दबदबा क़ायम है. दुबई से लेकर लंदन तक और कनाडा-अमेरिका से लेकर न्यूजीलैंड तक सिखों के बेहतरीन इबादतगाह (गुरुद्वारे) हैं. कोई सिख कनाडा में वज़ीर दिफ़ा (Defence Minister) है, तो कोई अमेरिका जैसे मुल्क में दो बार गवर्नर रह चुकी है. अंग्रेजों की पार्लियामेंट में भी सिखों का खासा बोलबाला है. 

प्रीत कौर: ब्रिटेन की पार्लियामेंट में पहली सिख ख़ातून

पंजाब के जालंधर के परिवार की रहने वाली प्रीत कौर ब्रिटेन में एमपी बनने वाली पहली सिख महिला हैं. प्रीत कौर के पिता दलजीत सिंह फोरमैन थे. काफी वक़्त तक वो बस ड्राइवर भी रहे हैं. प्रीत कौर ब्रिटिश पार्लियामेंट की बाअसर पार्लिमानी कमेटी की मेंबर हैं. वो लेबर पार्टी की ओर से आलमी तरक़्क़ियाती अमूर की वज़ीर शैडो हैं.

बर्दिश चग्गर: कनाडा की लोकसभा में सरकार की लीडर बनने वाली पहली महिला

2016 में कनाडाई पार्लियामेंट बर्दिश चग्गर कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स (लोकसभा) में नई सरकार की लीडर हैं. कनाडा में इस ओहदे पर पहुंचने वाली वो पहली महिला हैं. बर्दिश चग्गर के पिता गुरमिंदर चग्गर 70 की दहाई में पंजाब से कनाडा में बस गए थे.

हरिंदर सिद्धू: हिंदुस्तान में ऑस्ट्रेलिया की हाईकमिश्नर रहीं

हरिंदर सिद्धू का परिवार भी पंजाब के रहने वाले थे. उनका परिवार सदियों पहले सिंगापुर में जा बसा था और हरिंदर के मां-बाप ऑस्ट्रेलिया जाकर बस गए. 2016 से 2020 तक हिंदुस्तान में हाईकमिश्नर रहने से पहले सिद्धू मास्को और दमिश्क में भी खिदमात अंजाम दे चुकीं हैं. हरिंदर 1999 से 2004 के बीच ऑस्ट्रेलिया के पीएम की सिक्योरिटी और माली मामलों की एडवाइजर भी रही हैं.

तनमनजीत सिंह ढेसी: ब्रिटेन के पहले सिख एमपी

तनमनजीत सिंह ढेसी UK की स्लाओ सीट से 2017 में लेबर पार्टी के एमपी चुने गए. तनमनजीत सिंह ब्रिटेन के पहले सिख एमपी हैं. ब्रिटेन की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक तनमनजीत के वालिद जसपाल सिंह ढेसी वहां के सबसे बड़े गुरुद्वारे गुरु नानक दरबार के अध्यक्ष रह चुके हैं. लेबर पार्टी ने उन्हें रेलवे शैडो का वज़ीर बनाया है.

कंवलजीत सिंह बख्शी: दिल्ली के शहरी न्यूजीलैंड के एमपी

राजधानी दिल्ली में पैदा हुए कंवलजीत सिंह बख्शी न्यूजीलैंड में एमपी बनने वाले पहले हिंदुस्तानी और पहले सिख हैं. कंवलजीत न्यूजीलैंड की पार्लियामेंट में सेलेक्ट कमेटी ऑन लॉ एंड ऑर्डर के चेयरपर्सन और कमेटी ऑन कॉमर्स के रुक्न हैं.

निम्रत रंधावा: अमेरिका में दो बार गवर्नर और UN में सफ़ीर

निक्की हेली का परिवार पंजाब के अमृतसर से आकर अमेरिका में बसे थे. साउथ कैरोलिना से दो बार गवर्नर रहीं हेली किसी भी सदारती इंतज़ामिया में पहली कैबिनेट रैंकिंग हिंदुस्तानी अमेरिकी थीं. निम्रत रंधावा 2017 से 2018 तक यूनाइटेड नेशन में अमेरिका की सफ़ीर रहीं.

हरजीत सिंह: कनाडा के डिफैंस मिनिस्टर

पंजाब के होशियारपुर में पैदा हुए हरजीत सिंह 1989 में कनाडा की फौज में शामिल हुए थे. उन्हें ऑर्डर ऑफ मिलिट्री मेरिट का अवार्ड मिला और बाद में हरजीत कैनेडियन आर्मी में ब्रिटिश कोलंबिया रेजीमेंट की कमान संभालने वाले पहले सिख अफ़सर बने. 2015 में वो कनाडा के एमपी चुने गए और डिफैंस मिनिस्टर के ओहदे पर काबिज हुए.

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