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Ujjain Demolition Drive: मध्य प्रदेश के उज्जैन में दुनियाभर में मशहूर महाकालेश्वर मंदिर के पास Begum Bagh में मुसलमानों के कथित अवैध मकानों और दुकानों पर बुलडोजर एक्शन हुआ है. राज्य सरकार के आदेश पर ज्जैन विकास प्राधिकरण ने 11 बिल्डिंगों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बुलडोजर एक्शन से पहले काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. यह कार्रवाई सुबह 9 बजे से शुरू हुई है. सुरक्षा को देखते हुए इलाके के एक रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है.
उज्जैन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, जिस मकानों और दुकानों को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है, वह सरकारी जमीन है. साल 1985 में इस इलाके के 30 के प्लॉट लोगों को सिर्फ रहने के लिए 30 सालों के लिए लीज पर दिए गए थे. लेकिन बाद में लीजधारकों ने इन प्लॉटों का उपयोग रहने की बजाय दुकान, गोदाम या अन्य व्यावसायिक काम के लिए करना शुरू कर दिया. यह नियम के खिलाफ था. धीरे-धीरे इन आवासीय प्लॉटों पर कई व्यावसायिक इमारतें खड़ी हो गईं. 2014-15 में इनकी लीज खत्म हो गई, लेकिन फिर से लीज रिन्यू नहीं कराया गया. इसी वजह से यह कब्ज़ा अब अवैध माना जा रहा है और प्रशासन कार्रवाई कर रहा है.
उज्जैन विकास प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने मकान में रह रहे लोगों को कई बार नोटिस जारी किए थे. लेकिन मामला कोर्ट में पहुंच गया था. लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम के आदेश पर रोक लगा दी थी. अब हाईकोर्ट ने सभी स्टे आदेश को खत्म कर दिया है. कोर्ट के इस आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई है. यूडीए सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि नियमों के उल्लंघन और लीज समाप्त होने के बाद भी भूखंडों का अवैध व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. कोर्ट ने स्टे खारिज कर दिया, इसके बाद नोटिस देकर भवन मालिकों को जानकारी दी गई. समय सीमा खत्म होने पर आज बुलडोज़र कार्रवाई शुरू की गई.
नगर निगम के अधिकारी ने क्या कहा?
नगर निगम उपायुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि इस कार्रवाई में करीब 100 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं. एक दर्जन पोकलेन व बुलडोज़र का इस्तेमाल हो रहा है. खास बात यह रही कि आज की कार्रवाई में किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ. भवन मालिकों को पहले ही कानूनी स्थिति समझा दी गई थी, इसलिए उन्होंने खुद से बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दिया.
अब तक कितने मकानों पर चला बुलडोजर
जराए के मुताबिक, यूडीए ने 30 आवासीय भूखंडों में से कई को अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर करीब 65 बिल्डिंगें बनाई गई थीं. अब तक 24 बिल्डिंगों को तोड़ा जा चुका है और बाकी 41 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा. आज जिन 11 बिल्डिंगों को तोड़ा जा रहा है, वे भूखंड क्रमांक 15, 18, 29, 59 और 65 पर बनी थीं. इन बिल्डिंगों के मालिकों में शेर बानो नागौरी, मोहम्मद अकरम, शहीदुर रहमान, सरफराज, मुबारिक, मोहम्मद तौसीब, अब्दुल लतीफ, सैय्यद कमर अली, मोहम्मद सिद्दीकी कुरेशी, नासिर अली और मोहम्मद सलीम शामिल हैं.