Uttarakhand News: चारधाम यात्रा में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर सियासत गरमा गई है. उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर मुस्लिम संगठनों और आम लोगों ने उनके बयान की आलोचना की है.
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Uttarakhand News: केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद देशभर से लोग उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं. इससे पहले चारधाम यात्रा को लेकर सियासत तेज हो गई है. जहां कुछ हिंदू संगठनों ने मुसलमानों की यात्रा में एंट्री पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं. वहीं अब उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने एक बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है.
उन्होंने कहा कि अगर कोई मुसलमान सच्चे दिल और अच्छे नियत से चारधाम यात्रा करना चाहता है, तो उस पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए. ऐसे में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के सद्र शादाब शम्स के बयान पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि शादाब शम्स आखिर किस हैसियत से चारधाम यात्रा में किसी की ‘नीयत’ तय करेंगे.
शादाब शम्स ने क्या कहा?
शादाब शम्स ने कहा कि "अगर कोई व्यक्ति सच्चे दिल और बिना किसी गलत नीयत के दर्शन के लिए आ रहा है तो उस पर बैन नहीं होना चाहिए लेकिन अगर कोई गलत नीयत से आ रहा है, तो उसका अंजाम भी बुरा ही होगा. इस्लाम भी यही सिखाता है कि बेवजह किसी की आस्था में दखल न दिया जाए."
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे हैं बयान का आलोचना
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के सद्र के इस बयान को लेकर कई मुस्लिम संगठन और सियासी हलकों में नाराजगी देखी जा रही है. वक्फ बोर्ड के सद्र का यह बयान सोशल मीडिया पर रायत की तरह फैल गया है. लोग इस बयान का आलोचना कर रहे हैं. एक शख्स ने कहा कि वक्फ बोर्ड के एक सद्र को इस तरह का बयान देना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि इससे समुदाय में भ्रम और असुरक्षा का माहौल भी बन सकता है. वहीं, कई लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि क्या वक्फ बोर्ड चीफ का काम मजहब के ठेकेदार बनना है या फिर मुस्लिम हितों की रक्षा करना?