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बाल विवाह के लिस्ट मेंं नम्बर वन पर बांग्लादेश; रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Bangladesh News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन बांग्लादेश में महिलाओं की स्थिति और लड़कियों की बाल विवाह पर यूएन वुमेन ने एक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एसिया में सबसे ज्याद बाल विवाह बांग्लादेश में हो रहा है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें. 

 

 बाल विवाह के लिस्ट मेंं नम्बर वन पर बांग्लादेश; रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Child Marriage in Bangladesh: भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन महिलाओं पर एक रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट में बांग्लादेश में महिलाओं की खराब स्थिति, बाल विवाह और महिलाओं के साथ गैरबराबरी से जुड़ी जानकारी दी गई है. साथ ही रोपोर्ट में बांग्लादेश में महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए वहां की सरकार को कुछ सुझाव भी दिए गए हैं.

दरअसल, अंतरराष्टीय महिला दिवस के दिन यूनाइटेड नेशन वुमेन और प्लान इंटरनेशनल की ओर से जारी एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि एशिया में सबसे ज्यादा बाल विवाह बांग्लादेश में हो रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में लगभग 50 परसेंट से ज्यादा लड़कियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले कर दी जाती है. बांग्लादेश में इस स्तर पर बाल विवाह की एक वजह वहां की पुरानी प्रथा को माना जा रहा है. बता दें कि इस रिपोर्ट का शिर्षक व्हाट हैव चेंजेज फॉर गर्ल्स? एडोलसेंट गर्ल्स राइट्स इन 30 इयर्स है. इस रिपोर्ट के आने के बाद दुनिया भर के लोग बांग्लादेश में महिलाओं की स्थिति को लेकर चिंता जता रहे हैं.

गौरतलब है कि इस रिपोर्ट में बांग्लादेश में महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार को कुछ सुझाव दिए गए हैं, जैसे- नाबालिग लड़कियों को मजबूत और काबिल बनाने के लिए सरकारी इन्वेस्टमेंट पर जोड़ डाला गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की इन्वेस्टमेंट से न सिर्फ महिलाए मजबूत होती है, बल्कि मुल्क के लोगों का सामूहिक विकास होता है. साथ ही रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई है कि बांग्लादेश में नाबालिग लड़कियों के सामने कई तरह की चुनौतियां है, खास तौर पर महिलाओं के साथ गैरबराबरी और हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई गई है. इस रिपोर्ट में बांग्लादेश में कम शिक्षा और आर्थिक अवसरों से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई गई है.

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बांग्लादेश में यूनिसेफ की रिप्रेजेंटेटिव राणा फ्लॉवर्स ने कहा कि मुल्क के अंदर महिलाओं की स्थिति में बदलाव की तत्काल जरुरत है. साथ ही उन्होंने कहा की मुल्क की लड़कियां बांग्लादेश को बेहतर बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब बांग्लादेश में महिलाओं को मौका दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ भेदभाव उन्हें और उनके देश को पीछे धकेलते रहती हैं. रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में लड़कियों के सेकेंडरी स्कूल पूरा करने की दर 59.22 परसेंट है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बांग्लादेश उन सात देशों में से एक है जहां डिजिटल स्किल्स वाली नाबालिग लड़कियों और नौजवान महिलाओं का अनुपात 2 परसेंट या उससे भी कम है.

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