मरकज़ी वज़ीर रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को याद दिलाया राजधर्म

Delhi Violence पर रविशंकर प्रसाद का बयान, यह वक्त अमन के लिए हाथ बढ़ाने का है भड़काने का नहीं

मरकज़ी वज़ीर रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को याद दिलाया राजधर्म

नई दिल्ली : मरकज़ी वज़ीर रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पुराना रवैया आज तक कायम है. इसकी एक ही वजह है कि कांग्रेस अब तक अपनी हार को कुबूल नहीं कर पाई है, वो मुल्क से पहले परिवार का मफाद की सोच रखते हैं.

मीडिया से मुखातिब होते हुए रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को राजधर्म की याद दिलाते हुए कहा कि राजधर्म के आइने में कांग्रेस पहले अपनी चेहरा देखे. हम तशद्दुद पर सियासत की मज़म्मत करते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सद्र सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की जानिब से ऐसे कई बयान दिए गए हैं. हम जानना चाहते हैं कि यह कौन सा राजधर्म है?

उन्होंने मज़ीद कहा कि हिंदू मुहाजिर पर सोनिया गांधी को जवाब देना होगा, आपसी भाईचारे के नाम पर कांग्रेस लोगों को भड़का रही है. यह वक्त अमन के लिए हाथ बढ़ाने का है भड़काने का नहीं

मरक़ज़ी वज़ीर रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस सद्र सोनिया गांधी को राजधर्म याद दिलाते हुए कहा कि आप पहले अपने रामलीला मैदान में दिए गए बयान की जानिब देखिए आपने कहा था इस पार या उस पार ....'इस पार या उस पार' का मतलब है आईनी रास्ते से अलग चलना। अब सोनिया जी आप बताइए ये कौन सा राजधर्म है..आपने लोगों को क्यों उकसाया। रविशंकर प्रसाद ने एक और सवाल करते हुए कहा कि सोनिया जी आप यह बताइए कि जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से बेघर हैं, जिन पर उनके मज़हब की वजह ज़ुल्म किया जा रहा है, उसको लेकर आपकी पार्टी की एक सोच रही है। आपके लीडरान ने भी कई बार खुलकर इस पर स्टैंड लिया था

बीजेपी लीडरान की ओर से दिए गए भड़काऊ बयानबाजी के सवालों पर रविशंकर ने कहा कि सीनियर लीडरान की ओर से दिए गए ऐसे बयान की पार्टी मज़म्मत करती है और पार्टी इस पर कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ताहिर हुसैन और कपिल मिश्रा के इल्ज़ामों का मवाज़ना नहीं किया जा सकता .

बता दें कि कांग्रेस सद्र सोनिया गांधी की क़यादत में पार्टी के कई मेंबरान जुमेरात को दिल्ली तशद्दुद मामले पर सद्रे जम्हूरिया रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर अपील कर मरकज़ी हुकूमत से राजधर्म का पालन कराने और वज़ीरे दाखिला अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी