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Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंआज़म खान ने यूनिवर्सिटी नहीं बबूल का पेड़ लगाया था; ट्रस्ट से इस्तीफे को भी चाल मान रहे हैं विरोधी

आज़म खान ने यूनिवर्सिटी नहीं 'बबूल' का पेड़ लगाया था; ट्रस्ट से इस्तीफे को भी चाल मान रहे हैं विरोधी

Azam khan resignations from Jauhar trust: सपा सरकार में कद्दावर नेता और मंत्री रहे और पूर्व सांसद आज़म खान ने मौलाना मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले जौहर ट्रस्ट के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके बाद यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने उनपर तंज कसते हुए कहा है कि आज़म खान ने बबूल का पेड़ लगाया था जिसका फल वो खा रहे हैं.

आज़म खान ने यूनिवर्सिटी नहीं 'बबूल' का पेड़ लगाया था; ट्रस्ट से इस्तीफे को भी चाल मान रहे हैं विरोधी

Azam khan resignations from Jauhar trust:  फ़िलहाल जेल में बंद सपा नेता और पूर्व सांसद आज़म खान ने रामपुर में मौलाना मुहम्मद अली जौहर के नाम पर यूनिवर्सिटी नहीं खोला था, बल्कि बबूल का पेड़ लगाया था. मौलाना मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बबूल का पेड़ था, जिसमें फल लगने के बाद आजम खान ने उसे खाया और वो जेल पहुँच गए! ऐसा कहना है यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी का.

दरअसल, आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म और बीवी तजीन फातिमा के जरिये जोहर ट्रस्ट के सभी ओहदों से इस्तीफा दिए जाने के बाद यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा आज़म खान और उनके परिवार का तंज कासल है. अंसारी ने कहा कि आज़म खान ने बबूल का पेड़ लगाया था, तो वो मीठे फल कहाँ से खाएंगे? जब सपा और आजम खान सत्ता में थे, तो अपने निजी फायदे के लिए उन्होंने इक्तेदार का बेजा इस्तेमाल कर गरीबों के घर तोड़े, ज़मीन कब्जाई.आज़म खान ने सरकार में रहते हुए ऐसे काम किये हैं, जिनसे अवाम आहत हुई और उसी का नतीजा उन्हें आज भू भुगतना पड़ रहा है. आजम खान के खिलाफ जो निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यवाही हुई है, वो इस बात के सबूत हैं कि हमारा मुल्क लोकतांत्रिक मुल्क है और कानून यहाँ सबसे ऊपर है, जो भी इसके साथ खिलवाड़ करेगा वह बच नहीं पाएगा. 

अब आज़म खान की बहन संभालेंगी ट्रस्ट की कमान

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इससे पहले आजम खान ने शुक्रवार की सुबह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को लेकर एक चौंकाने वाला फैसला लिया था.आजम खान ने अपनी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ ट्रस्ट के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. ट्रस्ट के संचालन के लिए अब एक नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है,जिसमें आजम खान की बहन निकहत अखलाक को ट्रस्ट का नया सदर बनाया गया है. आजम खान के बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम ट्रस्ट के नए सचिव होंगे. वहीँ, मुश्ताक अहमद सिद्दीकी को नायब सद्र, सपा विधायक नसीर अहमद खान को संयुक्त सचिव और  जावेद उर रहमान खान को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है.

गौरतलब है कि आज़म खान के जौहर ट्रस्ट पर किसानों की जमीन कब्जाने समेत 30 से ज़यादा गंभीर मुकदमे चल रहे हैं. आजम खान डॉ.तजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम के जेल में होने की वजह से ट्रस्ट और उससे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों जौहर यूनिवर्सिटी,रामपुर पब्लिक स्कूल के कामकाज में काफी दिक्कतें आ रही थीं. हालांकि, आजम खान के विरोधी इसे भी आज़म खान की कोई नई चाल बता रहे हैं, ताकि उनके ट्रस्ट पर कोई आंच न आये. आज़म खान इस वक़्त जेल में बंद हैं. उनपर १०० से ज्यादा मुक़दमे दर्ज हैं, जिनमें वो कई आरोपों से मुक्त हो चुके हैं, और कई मामलों में उन्हें ज़मानत भी मिली हुई थी. 

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