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US Attack on Yemen: अमेरिका ने आज यानी 24 मई को यमन में भीषण हमला किया है. इस बार अमेरिका ने हूती विद्रोही ठिकानों पर हमला नहीं किया है बल्कि संदिग्ध अलकायदा ठिकाने पर ड्रोन अटैक किया है. यमन के एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि आज को दक्षिणी प्रांत अबयान में अलकायदा के एक संदिग्ध ठिकाने को निशाना बनाकर अमेरिका ने रात में ड्रोन हमला किया. इस हमले में कम से कम छह लोग मारे गए हैं.
यमन के सैन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी शिन्हुआ को बताया कि शुक्रवार देर रात पूर्वी अबयान के पहाड़ी माराकिशा इलाके में हमले किए गए. माना जा रहा है कि मारे गए सभी लोग अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिन्जुला के सदस्य थे. यह अलकायदा नेटवर्क की यमन स्थित शाखा है.
अधिकारी के मुताबिक, अलकायदा के खिलाफ यह अभियान यमन के सरकारी बलों के साथ चलाया गया, जिस स्थान पर हमला किया गया, वह कथित तौर पर सरकारी बलों के खिलाफ हमलों और प्रांत में हाल ही में बमबारी अभियानों के लिए लॉन्च पॉइंट के रूप में काम करता था. हमले को लेकर विरोधाभासी खबरें भी आई हैं. एक स्थानीय आदिवासी नेता ने रात में हुए दो ड्रोन हमलों की पुष्टि की, जिसमें आदिवासी तत्वों को ही निशाना बनाया गया. घटना को लेकर अलकायदा इन अरबियन पेनिन्जुला (एक्यूएपी) की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है.
साल 2022 के अंत से अबयान यमन के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में एक प्रमुख युद्धक्षेत्र रहा है. सरकार समर्थक साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के बलों ने सरकारी सैनिकों द्वारा समर्थित, दूरदराज के क्षेत्रों में जमे हुए अलकायदा इन अरेबियन पेनिन्जुला लड़ाकों को जड़ से उखाड़ने की कोशिश की है. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि एक्यूएपी अक्सर तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों के साथ सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाता है.
लंबे समय से चल रहा है युद्ध
यमन लंबे समय से गृह युद्ध झेल रहा है. यह 2014 में तब शुरू हुआ था जब हूती समूह ने राजधानी 'सना' पर कब्जा कर लिया. अलकायदा समूह ने चरमपंथी समूहों को सत्ता शून्यता का फायदा उठाने का मौका दिया है. संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अकाल का सामना करने के लिए मजबूर हुए हैं.