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Lucknow Gas Cylinder Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक बड़ा हादसा हो गया है. लखनऊ के ग्रामीण इलाके के काकोरी कस्बे में दो सिलेंडरों में विस्फोट होने से तीन बच्चियों और एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई है. जबकि चार लोग शदीद जख्मी हो गए हैं. यह दुर्घटना मुशीर नामक व्यक्ति के घर में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से हुई. मौके पर स्थानीय पुलिस बल मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक दमकलर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है.
पुलिस के मुताबिक, "काकोरी हाता के हजरत साहब इलाके में मंगलवार की रात दो मंजिला इमारत में आग लग गई. आग लगते ही सिलेंडर में धमाका हुआ. हादसे में दंपती समेत 5 लोगों की मौत हो गई. जिसमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं."
पुलिस ने आगे बताया, "हाता हजरत साहब के रहने वाले मुशीर अली (50) जरदोजी का काम करते हैं. मंगलवार रात करीब ग्यारह बजे उनके मकान की दूसरी मंजिल पर आग लग गई. आग लगने के कुछ ही मिनट बाद सिलेंडर में तेज धमाका हुआ. जब तक मकान के भीतर से लोग बाहर निकल पाते तब तक आग पूरे मकान में फैल गई. जिसमें परिवार के 9 लोग जल गए."
हादसे में इन लोगों की हुई मौत
पुलिस ने हादसे में घायल सभी लोगों को नजदीक के हॉस्पीटल में भर्ती कराया, जहां मुशीर (50 वर्ष), उनकी बीवी हुस्ना बानो (45), उनकी भतीजी राइया (5) और भांजियों हिबा (2) तथा हुमा (3) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
चार लोगों की हालत गंभीर
जबकि, जख्मी हुए चार दूसरे लोगों का इलाज ट्रॉमा सेंटर ( Trauma Center ) में चल रहा है, जहां इनकी हालत गंभीर बनी हुई है. घायलों में इशा (17), लकाब (21), अमजद (34) और अनम (18) शामिल हैं.
डीएम ने क्या कहा?
स्थानीय पुलिस बल व दमकल की गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है. वहीं, इस मामले को लेकर डीएम सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि घायलों में से दो लोग 90 फीसदी जल चुके हैं, जिसके कराण इन दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है. जबकि बाकी दो लोग 40 फीसदी और 50 फीसदी तक जले हैं. जब डीएम से पूछा गया कि ऐसी खबर हैं कि वहां कोई पटाखा फैक्ट्री भी चल रही थी, तो उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है. पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है. उन्होंने कहा, "हमारी टीमें मामले की जांच कर रही हैं."
डॉक्टर ने क्या कहा?
दूसरी तरफ ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉक्टर संदीप तिवारी ने बताया कि दो जख्मी लोगों की हालत काफी गंभीर हैं. सभी घायलों को बेहतर मेडिल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और सभी जख्मी लोगों की निगरानी के लिए डॉक्टरों की एक टीम गठित है.