Uttar Pradesh News: "हमे इजरायली प्रोडक्ट्स को नहीं खरीदना है क्योंकि इन कंपनियों का सारा पैसा इजरायल के पास जा रहा है, और इन्हीं पैसे से वह गोला-बारूद खरीदेंगे, फिर हमारे माजलूम फिलस्तीनी भाईयों को मारेंगे". उत्तर प्रदेश इस तरीके का पोस्टर्स लगाने पर पुलिस एक्शन में आ गई है, और मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रही है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें
Trending Photos
)
Uttar Pradesh News: गाजा पर इजरायली बर्बरता के खिलाफ पूरी दुनिया में प्रोटेस्ट हो रहे हैं. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में इजरयाल का विरोध करने और फिलिस्तीन के समर्थन में पोस्टर लगाने पर पुलिस एक्शन में आ गई है. फिलिस्तीन के सपोर्ट में पोस्टर लगाने को UP प्रशासन गुनाह मान रही है. हालांकि अभी तक पोस्टर लगाने वाले को चिन्हित नहीं किया जा सका है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के पाली कस्बा में मुस्लिम बहुल इलाकों में घरों पर इजरायल के विरोध में पोस्टर चस्पा किए गएं, और इजरायली ब्रांड का बाइकॉर्ट करने की अपील की गई. साथ ही फिलिस्तीन के समर्थन वाले पोस्टर लगाए गएं. इस घटना के बाद प्रशासन जांच कर रही है, और इजरायल विरोधी पोस्टर लगाने वालों को तलाश कर रही है.
इजरायली प्रोडक्ट्स का किया गया था बाईकॉट
बता दें कि इस पोस्टर पर इजरायली ब्रांड पेप्सी और कई दीगर इजरायली प्रोडक्टस्ट के फोटों थे, जिन्हें बाइकॉर्ट करने की अपील की जा रही थी, पोस्टर के माध्यम से दावा किया गया था कि हमे इजरायली प्रोडक्ट्स को नहीं खरीदना है क्योंकि इन कंपनियों का सारा पैसा इजरायल के पास जा रहा है, और इन्हीं पैसे से वह गोला-बारूद खरीदेंगे, फिर हमारे माजलूम फिलस्तीनी भाईयों को मारेंगे. पोस्ट के नीचे इजरायल और फिलिस्तीन के झंडे का फोटो था. इजरायल के झंडे पर क्रॉस का निशास था, वहीं फिलिस्तीन के झंडे पर सही का निशान था.
मामले की जांच कर रही है पुलिस
इस मामले पर पाली थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है, और दोषियों को बख्सा नहीं जाटएगा. साथ ही इलाके के जिन मुस्लिम घरों पर ये पोस्टर लगने के मामले पर घरवाले बोलने से बच रहे हैं. पाली थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार ने बताया कि मामले की जांच चल रही हैं, जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
जंग में 50 फिलिस्तीनियों की हो चुकी है मौत
गौरतलब है कि पिछले दो सालों से इजरायल द्वारा गाजा पर बमबारी करके उसे नर्क बना दिया गया है. इस हमले में लगभग 50 हजार आम फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चें हैं. इस बर्बरता के खिलाफ दुनिया भर के लोग अपने तरीके से विरोध जाहिर कर रहे हैं.