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सहारनपुर: कोरोना बोहरान और मुल्कगीर लॉकडाउन (Lockdown) के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) को कानून की खिलाफवर्ज़ी करने वालों के साथ सख्ती से पेश आना पड़ रहा है तो वहीं दूसरी जानिब उसका इंसानी चेहरा भी देखने को मिल रहा है. जो लोग लॉकडाउन की खिलाफ वर्ज़ी कर रहे हैं पुलिस उन्हें सबक भी सिखा रही है तो दूसरी जानिब लोगों को मदद भी पहुंचा रही है. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (Saharanpur) जिले में पुलिस ने एक अनाथ खातून के जनाज़े को कंधा देकर बेटे का फर्ज़ निभाया है.
सहारनपुर जिले की बड़गांव थाना पुलिस ने एक बेसहारा बीमार खातून की जिंदगी बचाने की भरपूर कोशिश की. बड़गांव थाने में तैनात एसएसआई दीपक चौधरी (Deepak Chaudhary) ने बेसहारा खातून मीना को अपने हाथों से खाना खिलाया और इलाज के लिए पुलिस की गाड़ी से ही मकामी सरकारी अस्पताल भिजवाया. गुज़िश्ता बुध को 55 साला मीना नाम की खातून ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
मीना की मौत की इत्तेला मिलने पर एसएसआई दीपक चौधरी ने साथी पुलिस मुलाज़िमीन के साथ गांव किशनपुर पहुंचे. चूंकि खातनू अनाथ थी इसलिए उनकी आखिरी रसूमात की ज़िम्मेदारी भी बड़गांव थाना पुलिस ने उठाई. एसएसआई दीपक चौधरी ने अपने साथी कांस्टेबल गौरव कुमार और कांस्टेबल विनोद कुमार की मदद से खातून के जनाज़े को कंधा दिया और सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल करते हुए उनकी लाश का पूरी रिवायत के मुताबिक आखिरी रसूमात अंजाम दी हैं.
खातून की लाश को कंधा देते हुए पुलिस मुलाज़िमीन का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के इस चेहरे की जमकर तारीफ कर रहे हैं और इस मुश्किल वक्त में भी ज़िम्मेदारी निभाने के लिए पुलिस मुलाज़िमीन को सैल्यूट कर रहे हैं.
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