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Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंउत्तराखंड में अबतक 84 मदरसों पर ताला, कौन सच्चा, कौन झूठा; आमने- सामने सरकार और संचालक

उत्तराखंड में अबतक 84 मदरसों पर ताला, कौन सच्चा, कौन झूठा; आमने- सामने सरकार और संचालक

Uttrakhand News: उत्तराखंड में कथित अवैध मदरसों के खिलाफ पुष्कर सिंह धामी की सरकार एक्शन मोड में है. अवैध मदरसों को सील करने का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. सूबे में लगभग 84 मदरसों को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सील कर दिया है. इस खबर में सरकार और मदरसा संचालक दोनों का पक्ष है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें. 

 

उत्तराखंड में अबतक 84 मदरसों पर ताला, कौन सच्चा, कौन झूठा; आमने- सामने सरकार और संचालक

Uttrakhand News: उत्तराखंड में भाजपा शासित पुष्कर सिंह धामी की सदारत वाली सरकार पिछले कई सालों से कथित अवैध मस्जिद, मदरसे और मजारात के खिलाफ अभियान चला रही है. सरकार का इल्जाम है कि उत्तराखंड में बड़ी तादाद में अवैध तरीके से मदरसे चलाए जा रहे हैं. ऐसे में राज्य की डेमोग्राफी बदलने का डर है. उत्तराखंड सरकार के निर्देश के बाद पूरे सूबे से टोटल 84 मदरसों को अबतक सील किया जा चुका है. मदरसों पर कार्रवाई के बीच उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के सदर शमून कश्मीर ने मदरसा संचालकों से अपील की है कि वे लोग मान्यता के लिए अपलाई करें.

दरअसल, देश के कई बीजेपी शासित राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी मुस्लिमों के मदरसों और मजारों को टार्गेट किया जा रहा है. सरकार कथित तौर पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई बता रही है. सरकार की तरफ से निर्देश के बाद सूबे के जिला स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है. आए दिन उत्तराखंड से किसी न किसी मदरसा के सील होने की खबर सामने आती है. बता दें कि उत्तराखंड में अबतक 84 मदरसे सील हो चुके हैं, जिसमें से 43 देहरादून में 9 उधम सिंह नगर में और हरिद्वार और नेनिताल जैसे क्षेत्रों में 31 मदरसों को सील किया जा चुका है.

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सूबे में मदरसों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को देखते हुए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के सदर शमून कश्मीर ने कहा है कि सूबे में अवैध मदरसों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में अलग-अलग टीम बना कर मदरसों की जांच की जा रही है. ऐसे उन्होंने मदरसा के संचालकों से अपील की है कि वे मान्यता के लिए अप्लाई करें, ताकि जल्द से जल्द उन्हें मान्यता दी जा सके. साथ में उन्होंने ये भी आश्वासन दिया है कि जिन मदरसों के पास वैध दस्तावेज़ हैं, और वो नियम- कानून के तहत संचालित किये जा रहे हैं, सरकार ऐसे मदरसों को नहीं छेड़ रही है. यहाँ तक कि जिन मदरसों को सील किया गया है, उन्हें भी मान्यता मिलने पर खोल दिया जाएगा.

मुस्लिम समुदाय खफा
वहीँ,  प्रशासन की इस कार्रवाई से मुस्लिम समुदाय के लोग खफा नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि प्रशासन जानबूझ कर मुसलमानों को टारगेट करने की एक तरफा कार्रवाई कर रही हैं.
स्थानीय लोगों ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि मदरसों पर ताले लगाने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था. लोगों ने बताया, "प्रशासन एक-तरफा कार्रवाई  कर रही है. मदरसों को सील करने से पहले कोई नोटिस नहीं भेजा गया है. अगर प्रशासन अपनी कार्रवाई अभी नहीं रोकती है तो हम कोर्ट का रुख करेंगे. 

 

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