Uttarakhand News: रामनगर में एक महिला और तीन लोगों को कुरान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना महंगा पड़ गया है. रामनगर के जीशान ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया है. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
Trending Photos
)
Uttarakhand News: उत्तराखंड के रामनगर में एक महिला ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय और इस्लाम की पाक किताब कुरान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की. इस टिप्पणी से बवाल मच गया. पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. शिकायत में कहा गया है कि इन पोस्टों से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और माहौल में तनाव फैलने का खतरा है.
दरअसल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रामनगर के गैस गोदाम रोड निवासी जीशान कुरैशी ने थाना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था. उन्होंने बंबाघेर निवासी जय कश्यप, हिम्मतपुर डोटियाल निवासी हेमा नेगी और पीरूमदारा निवासी धीरेंद्र सिंह के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दी है.
जीशान कुरैशी ने आरोप लगाया कि इन तीनों ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समाज को ‘आतंकवादी’ कहकर ट्रोल किया और पूरे समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि आरोपियों ने इस्लाम के पवित्र ग्रंथ कुरान के प्रति भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है. जीशान ने इल्जाम लगाया गया है कि जय कश्यप ट्रांसपोर्टनगर इलाके में अवैध शराब कारोबार से जुड़ा है और कथित रूप से छोटे बच्चों को नशे की लत में धकेलने का काम करता है.
जीशान ने क्या कहा?
जीशान ने कहा कि इस तरह की सोशल मीडिया पोस्ट न केवल नफरत फैलाती हैं बल्कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का खतरा भी बढ़ाती हैं. उन्होंने पुलिस से मांग की कि तीनों आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि समाज में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो. पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की डिजिटल ट्रेसिंग और तकनीकी जांच की जा रही है. पुलिस साक्ष्य जुटाने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगी.
आरोपियों पर होगी कार्रवाई
रामनगर पुलिस ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को नफरत या भड़काऊ पोस्ट डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर आईटी एक्ट और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी.