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नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ज्यादातर मेहकमों में कामकाज को ऑनलाइन कर दिया है. इससे लोगों को कई सहूलियतें मिल रही हैं. अब केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. दरअसल आज से वोटिंग कार्ड को भी ऑनलाइन कर दिया जाएगा.
यूनियन मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) आज यानि 25 जनवरी को वोटिंग कार्ड का इलेक्ट्रॉनिक संस्करण लॉन्च करेंगे. जिसके बाद वोटर आईडी कार्ड का ई-वर्जन मोबाइल फोन या पर्सनल कंप्यूटर पर डाउनलोड किया जा सकेगा. केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद वोटर्स अपना वोटिंग कार्ड किसी भी वक्त ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर से काम चला सकेंगे.
वहीं, इसको लेकर चुनाव आयोग से जुड़े अफसरों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक संस्करण पूरी तरह से महफूज़ रहेगा. इसमें किसी तरह से छेड़छाड़ नहीं किया जा सकेगा. ऐप को हिफाजत के सभी पैमानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. साथ ही वोटर्स पहचान पत्र को इलेक्ट्रॉनिक संस्करणों में महफूज़ कर रख जा सकेगा. इसके अलावा इसका किसी भी वक्त प्रिंट भी निकाला जा सकेगा.
ई-इपिक के जरिये ऐसे बनेगा ई-वोटर आईडी कार्ड
ई-इपिक के इस्तेमाल के लिए लोगों को खास प्रक्रिया और कुछ नियमों का पालन करना होगा. जिसके लिए वोटर्स को अपनी पूरी जानकरी का सत्यापन करना होगा. इसके लिए उन्हें मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी की भी ज़रूरत पड़ेगी. जैसे ही वोटर का मोबाइल नंबर इलेक्शन कमीशन की वोटिंग लिस्ट में दर्ज होगा, वैसे ही ऐप के ज़रिये उसे ई-मेल और फोन पर एक मैसेज मिलेगा. इसमें सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए पासवर्ड के तौर पर ओटीपी की सहूलत रहेगी. इसमें दो क्यूआर कोड भी होंगे. जिसमें वोटर्स की पूरी जानकारी के अलावा इलाके की पूरी जानकारी होगी.
अभी तक आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस ही डिजिटल फॉर्मेट में मौजूद थे. आपको बता दें यह फैसला इलेक्शन कमीशन की सालगिरह को मनाने के लिए वोटर कार्ड का ई-संस्करण लॉन्च किया जा रहा है. भारत के गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले यानी 25 जनवरी 1950 को इलेक्शन कमीशन की स्थापना हुई थी.
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