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लखनऊ: शिया वक्फ बोर्ड के साबिक चेयरमैन वसीम रिज़वी ने कहा है कि ईद-उल-अज़हा के मौके पर कुर्बानी में पैसे खर्च करने की बजाए मुस्लिम लोग ज़कात के तौर पर वो पैसा लोगों की जान बचाने में इस्तेमाल करें.
वसीम रिज़वी ने जुमेरात के रोज़ कहा कि कुर्बानी के लिये लोग हज़ारों से लाखों रुपये तक के बकरे और दीगर जानवर खरीदते हैं. कोरोना महामारी के की वजह से लाखों लोगों का ज़िंदगी दांव पर है, लोग मर रहे हैं. मुनासिब होगा कि लोग कुर्बानी के लिये खर्च की जाने वाली रकम को इंसानियत को बचाने में लगायें, यही खुदा की सच्ची इबादत भी होगी.उन्होंने लोगों से कहा कि पीएकेयर फंड और अपने सूबों में सीए रिलीफ फंड में यह रकम दान दे सकते हैं. जिससे लोगों को अच्छा इलाज और दवाइयां मिलेंगी और उनकी ज़िंदगी बचाई जा सकेगा.
इसके अलावा रिज़वी ने कहा कि एक अगस्त को बकरीद के त्योहार पर लोग नमाज घर पर ही अदा करें और हुकूमत की जानिब से जारी की गईं गाइडलाइंस पर अमल करते हुये उन मस्जिदों में जाये जहां महदूद तादाद में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी गयी हो. वहां सोशल डिस्टेसिंग पर अमल करते हुये खुदा की इबादत करें.
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