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Sarijuddin/E-Passport: पिछले दिनों बजट भाषण में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने कहा कि सरकार जल्द ही ई-पासपोर्ट लेकर आएगी. आखिर ई-पास्पोर्ट क्या है? इससे आम आदमी को क्या सहूलतें मिलेंगी? आज हम आपको इन तमाम सवालों के जवाब देंगे.
क्या होता है पासपोर्ट
दरअसल पासपोर्ट (Passport) किसी भी शख्स की इंटरनेशनल पहचान होती है. जिस तरह से आधार कार्ड काम करता है ठीक उसी तर्ज पर पासपोर्ट भी काम करता है. फर्क यह है कि आधार कार्ड राष्ट्रीय पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाता है जबकि पासपोर्ट अंतर्राष्ट्री पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
क्या होता है ई-पासपोर्ट
E-Passport आधुनिक पासपोर्ट होगा, जिसमें चिप लगे होते हैं. ई-पासपोर्ट आम तौर पर कागज के पासपोर्ट की ही तरह होता है. ई-पासपोर्ट में एक छोटी इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है. यह चिप आपका नाम, जन्म तिथि, पता और आप से जुड़ी तमाम जानकारियों को संग्रहीत करती है. माइक्रोचिप इमीग्रेशन काउंटरों पर किसी भी यात्री की डिटेल्स को जल्दी से वेरीफाई करने में मदद करेगी. बताया जाता है कि ई-पासपोर्ट में कवर पेज पर इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाई जाएगी. भारत में साल 2008 में तत्कालीन UPA सरकार उच्च अधिकारियों और राजनयिकों को 20000 ई-पासपोर्ट जारी किए थे.
कैसे काम करेगा ई-पासपोर्ट
जानकारों का मानना है कि E-Passport आधार कार्ड की तर्ज पर काम करेगा. इसका डेटा भी ठीक उसी तरह से सहेजा जाएगा जैसे आधार कार्ड का रखा जाता है. आधार कार्ड बनवाते समय उंगलियां और आंखों को स्कैन किया जाता है. मुम्किन है ई-पासपोर्ट बनाते वक्त बायोमैट्रिक निशान लिए जाएं. इससे इमिग्रेशन पर लगी मशीन उस शख्स को आसान से पहचान सकेंगी जिसका पासपोर्ट है. E-Passport में लगी सिलिकॉम चिप में 64kb मेमोरी स्टोर की जा सकेगी. इस चिप में पासपोर्ट होल्डर का फोटो और बायोमैट्रिक डिटेल होगी. E-Passport में 30 सफर को स्टोर किया जा सकता है.
इन देशों में इस्तेमाल होता है E-Passport
ई-पासपोर्ट बहुत ज्यादा नई चीज नहीं है. 100 से ज्यादा देश फिलहाल ई-पासपोर्ट जारी करते हैं. बायोमेट्रिक पासपोर्ट पहले से ही जर्मनी, यूके और बांग्लादेश सहित कई देशों में जारी किए जाते हैं.
ई-पासपोर्ट से सुविधा
E-Passport बनने के बाद फर्जी पासपोर्ट पर रोक लगेगी. E-Passport फिजिकल पासपोर्ट की तुलना में ज्यादा सेफ रहेंगे. E-Passport में यात्री का बायोमेट्रिक डाटा स्टोर होगा, ऐसे में पासपोर्ट खोने पर मुसाफिर को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. जब भी कोई शख्स कागज के पासपोर्ट से सफर करता है तो उसे उस देश का वीजा लगाना होता है. सफर के पहले हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन विभाग के अधिकारी पासपोर्ट और वीजा की जांच करते हैं. इसमें काफी वक्त लग जाता है. ई-पासपोर्ट में इमिग्रेशन पास करने के लिए कोई अधिकारी पासपोर्ट या वीजा चेक नहीं करता बल्कि यह ऑटोमेटिक मशीन से चेक होता है. इससे काम जल्दी हो जाता है.
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