क्या है Ranjit Singh Murder Case जिसमें Gurmeet Ram Rahim को हुई है उम्र कैद की सज़ा
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क्या है Ranjit Singh Murder Case जिसमें Gurmeet Ram Rahim को हुई है उम्र कैद की सज़ा

यह मामला 2002 का है. रंजीत (Ranjit) का परिवार डेरे से ज़ुड़ा हुआ था और रंजीत सिंह (Ranjit Singh) डेरा सच्चा सौदा के मेनेजर हुआ करते थे. अचानक सरकार के दिग्गजों को लिखी एक चिट्ठी ने डेरा सच्चा सौदा में खलबली मचा दी, 

क्या है Ranjit Singh Murder Case जिसमें Gurmeet Ram Rahim को हुई है उम्र कैद की सज़ा

नई दिल्ली: 19 साल पहले रंजीत सिंह मर्डर केस (Ranjit Singh Murder Case) में राम रहीम (Ram Raheem) को सीबीआई कोर्ट ने उम्र कैद की सज़ा का ऐलान किया है. यह फैसला कोर्ट ने सोमवार को सुनाया है. कोर्ट ने राम रहीम के साथ अन्य पांच लोगों को भी उम्र कैद की सज़ा सुनाई है. साथ ही राम रहीम पर 31 लाख रुपये का जुर्माना और अन्य मुजरिमों पर 5-5 लाख का जुर्माना भी लगाया है.

क्या है रणजीत सिंह मर्डर केस?
यह मामला 2002 का है. रंजीत (Ranjit) का परिवार डेरे से ज़ुड़ा हुआ था और रंजीत सिंह (Ranjit Singh) डेरा सच्चा सौदा के मेनेजर हुआ करते थे. अचानक सरकार के दिग्गजों को लिखी एक चिट्ठी ने डेरा सच्चा सौदा में खलबली मचा दी, इस चिट्ठी में एक साध्वी के साथ हुए यौन शोषण का ज़िक्र था.

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डेरे से यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद रंजीत सिंह ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. साथ ही उनके परिवार ने भी डेरा छोड़ दिया. लेकिन एक दिन ऐसा आया जिसके बारे में कभी रंजीत ने सोचा नहीं था. 10 जुलाई 2002 को कुछ अज्ञात बदमाशों ने रंजीत सिंह पर फायरिंग कर दी. जिसके बाद उनकी मौत हो गई. 

इस कत्ल का शक डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख पर गया. दरअसल डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख को शक था कि यह गुमनाम चिट्ठी रणजीत ने अपनी बहन से लिखवाई थी. रंजीत सिंह की केस की जांच राज्य पुलिस पर गई जिनकी जांच से रणजीत के घरवाले बिलकुल मुतमइन नहीं थे. 

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2002 में रंजीत के घर वालों ने सरकार से केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग की लेकिन सरकार उसके लिए राजी नहीं हुई. आखिर में निराश होकर घरवाले हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए, जहां उन्होंने सीबीआई जांच की गुहार लगाई. जिसके बाद कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी.

मामले में सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ़ कार्रवाई करते हुए 2007 में चार्ज शीट फाइल कर दी. जिसके बाद कोर्ट ने 18 अक्टूबर 2021 को इस मामले में फैसला सुनाते हुए गुरमीत सिंह राम रहीम सिंह सहित 5 लोगों को उम्र कैद सुनाई और राम रहीम के खिलाफ़ 31 लाख रुपये जुर्माना और अन्य लोगों पर  5-5 लाख रुपये जुर्माना लगाया.

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