)
सिराज माही/नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में पतंग बहुत शौक से उड़ाई जाती है. गलियों में, छतों पर, मैदानों में अक्सर लोग पतंग उड़ाते हुए मिल जाते हैं. कई राज्यों में पतंगों का त्योहार मनाया जाता है. भारत में पतंगों के प्रति उत्साह की वजह से ही आज के दिन यानी 26 फरवरी साल 1975 को गुजरात के अहमदाबाद में देश का पहला संग्रहालय शुरू किया गया था. इसे 'शंकर केंद्र' के नाम से जाना जाता है. इसी सिलसिले में आज हम आपको बताएंगे कि भारत में पतंग उड़ाने की शुरूआत कैसे हुई.
कब से शुरू हुई पतंग
बताया जाता है कि 2800 साल पहले चीन में पतंग उड़ाने की शुरूआत हुई थी. चीन में सबसे पहले मोजी और लू बैन नाम के दो लोगों ने पतंग उड़ाने की शुरूआत की थी. बताया जाता है कि उस वक्त पतंग का इस्तेमाल बचाव अभियान के लिए एक संदेश के तौर पर या हवा की गति देखने के लिए किया जाता था. लेकिन अब पतंग उड़ाने का मकसद महज मनोरंज रह गया है.
कई देशों में उड़ाई जाती है पतंग
पतंग उड़ाना दुनिया भर में मशहूर है. दुनिया के कई देशों में अलग-अलग मकसद से पतंग उड़ाई जाती है. भारत में स्वतंत्रता दिवस और मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाई जाती है. इसी तरह चिली में लोग पतंग उड़ा कर अपना स्वतंत्रा दिवस मनाते हैं. जापान में मई के महीने में एक देवता को खुश करने के लिए पतंग उड़ाई जाती है. इसके अलावा अमेरिका में भी जून के महीने में पतंग से जुड़े कई प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं.
भारत में अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव
गुजरात में उत्तरायण या मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आयोजन किए जाते हैं. इसमें पतंगबाजी का मुकाबला रखा जाता है. इस साल 6 जनवरी से 14 जनवरी तक गुजरात के अहमदाबाद शहर में अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव रखा गया. इसके अलावा राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी पतंग के त्योहार को मनाया जाता है. भारत में मकर संक्रांति को कई नामों से जाना जाता है. कोलकाता में इसे पौष सांगक्रान्ति के नाम से जाना जाता है तो तमिलनाडु में इसे पोंगल कहा जाता है. गुजरात में इसे उत्तरायण नाम से जाना जाता है. मकर संक्रांति इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन से मौसम बदलने की शुरूआत होती है और किसान इसे बेहतर मानते हैं.
पतंग संग्रहालय (शंकर केंद्र)
अहमदाबाद में मौजूद पतंग संग्रहालय को देश में पहला और दुनिया में दूसरा पतंग संग्रहालय माना जाता है. यह संग्रहालय उन लोगों के लिए दिलचस्प हो सकता हो जो पतंग के इतिहास के बारे में जानना चाहते हैं. इस संग्रहाल की कल्पना श्री भानु शाह ने की थी. उन्होंने ही अहमदाबाद नगर निगम को दुर्लभ पतंगों का अपना संग्रह दान किया था. संग्रहालय में दुनिया भर की दुर्लभ पतंग मौजूद हैं.
Video: