Who was Abdul Rauf Azhar: भारतीय फौज ने Operation Sindoor के तहत पाकिस्तान और PoK में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हमला कर 90 आतंकियों को ढेर कर दिया. इसमें अब्दुल रऊफ अजहर भी मारा गया. जानिए ये खूंखार आतंकी कौन था.
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Operation Sindoor: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और PoK के आतंकवादी ठिकानों को तबाह करने के लिए 7 मई को ऑपरेशन 'सिंदूर' के तहत हमला किया था. इस हमले में कम से कम 90 आतंकी मारे गए. इसमें जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया अब्दुल रऊफ अजहर भी शामिल था. रऊफ के साथ उसके 10 परिवार के सदस्य भी मारे गए. ऐसे में आज रऊफ अजहर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपको बता चलेगा की वह कितना खूंखार आतंकी था?
रऊफ अजहर वह आतंकी जो इंडिया के पार्लियामेंट पर आतंकी हमला, कंधार प्लेन हाईजैक और पठानकोट आतंकी हमले समेत कई आतंकी वारदातों में भी शामिल रहा है. भारत की मोस्ट वांटेड दहशतगर्दों की लिस्ट में भी उसका नाम था. भारत ने 27 अक्टूबर 2020 को UAPA के तहत नामित आतंकवादियों की लिस्ट में उसे शामिल किया था.
IC-814 के अपहरण का मास्टर माइंड
अब्दुल रऊफ अजहर उर्फ मुफ्ती अजहर उर्फ सादा बाबा का जन्म 1 जनवरी 1977 को पाकिस्तान में हुआ था. वह आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ और जल्द ही एक अहम सदस्य बन गया. उसे 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की उड़ान IC-814 के अपहरण का मास्टर माइंड माना जाता है. विमान को नेपाल की राजधानी काठमांडू से हाईजैक कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था.
पार्लियामेंट आतंकी हमले में था मुख्य साजिशकर्ता
इसके बाद 13 दिसंबर 2001 को पार्लियामेंट पर हुए आतंकवादी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में वह शामिल था. वह पंजाब के पठानकोट में 2 जनवरी 2016 को एयर फोर्स स्टेशन पर हुए हमले के साजिशकर्ताओं में भी शामिल था. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के कठुआ में जंगलकोट स्थित सेना के कैंप पर, कठुआ में राजबाग थाना क्षेत्र में हुए आतंकवादी हमले, सांबा जिले में सेना के शिविर पर हुए हमले और पंजाब के गुरदासपुर में दीना नगर थाना क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर के तंगधार में सेना के शिविर पर हुए हमलों में भी रऊफ अजहर मुल्जिम था.
अमेरिका ने घोषित किया था आतंकी
रऊफ अजहर के खिलाफ साल 2000 से ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. अमेरिका ने भी साल 2010 में उसे आतंकवादी घोषित किया था. भारतीय सेना ने उसे मारकर जैश-ए-मोहम्मद की कमर तोड़ दी है. यह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में भारत की बड़ी सफलता है.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन 'सिंदूर' को अंजाम दिया था. पहलगाम हमले में 26 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे.