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पटनाः बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की एक टीम ने मंगलवार को सीतामढ़ी जिले में बाजपट्टी के प्रखण्ड विकास अधिकारी (Sitamadhi Bajpatti BDO) ठिकानों पर मंगलवार को छापा मारकर न सिर्फ आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया है बल्कि अफसर के घर से तीन दर्जन से ज्यादा जिंदा कारतूस भी बरामद किया है. ईओयू के अपर पुलिस महानिदेशक नय्यर हसनैन खान ने बताया कि संजीत कुमार द्वारा अपने ओहदे का बेजा इस्तेमाल करते हुए आमदनी के जाहिर और वैध स्रोतों से काफी ज्यादा जायदाद जमा किए गए थे. गुप्त सूचना के आधार पर उनके खिलाफ दर्ज मामले में मंगलवार को उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई.
2.5 करोड़ रूपये की लागत का सिर्फ एक मकान
खान ने बताया कि वेतन एवं अन्य ज्ञात श्रोतों से संजीत कुमार की कुल आय 84,00,000 रूपये होना और इनका कुल अनुमानित व्यय 37,80,847 रूपये पाया गया है. संजीत कुमार ने सेवा अवधि में पत्नी आरती कुमारी के नाम से पटना जिला के गोपालपुर थाना अंतर्गत अब्दुल्लाचक बैरिया में तीन कट्ठा आवासीय भूखण्ड जिस पर एक भव्य तीन मंजिला मकान बनवाया है जिसका वास्तविक लागत 2.5 करोड़ रूपये के आस-पास बताया जा रहा है.
315 बोर की 40 जिंदा कारतूस भी बरामद
संजीत कुमार द्वारा अपनी पत्नी के नाम पटना जिला के धनरूआ थाना अंतर्गत बीर गांव में दो कट्ठा 15 धुर और दस कटठा कृषि भूखण्ड अर्जित किया गया है. जीवन बीमा निगम के विभिन्न पॉलिसियों में काफी राशि का निवेश किया हुआ पाया गया है. छापेमारी के दौरान ननौरी स्थित संजीत के पैतृक आवास की तलाशी के क्रम में 315 बोर की 40 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं. इस संबंध में धनरूआ थाना में अलग से प्राथमिकी अंकित करने की कार्रवाई की जा रही है.
नौकरी से पहले नहीं थी कोई अचल संपत्ति
खान ने बताया कि पटना जिले के धनरूआ थानाक्षेत्र के ननौरी गांव के निवासी संजीत कुमार बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ग्रामीण विकास अधिकारी के ओहदे पर चयनित हुए थे. वह मधुबनी जिले के रहिका प्रखण्ड एवं बेगूसराय जिले के गढ़पुरा प्रखण्ड में पदस्थापित रहे हैं.संजीत की पत्नी गृहिणी हैं और वेतन के अलावा इनकी आय का अन्य कोई ज्ञात श्रोत नहीं पाया गया है. सरकारी सेवा में नियुक्ति के पूर्व इनके नाम पर पैतृक सम्पत्ति के अलावा कोई अचल सम्पत्ति नहीं थी एवं चल सम्पत्ति के रूप में एक कार इनके द्वारा घोषित किया गया था.
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