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लखनऊ: कोरोना वायरस की वजह से मुल्कगीर लॉकडाउन के बाद दूसरे सूबों से उत्तर प्रदेश लौटे मजदूरों के लिए योगी हुकूमत ने एक एप लॉन्च किया है. इसका नाम 'प्रवासी राहत मित्र' एप है. योगी हुकूमत के मुताबिक इस एप को लॉन्च करने का मकसद इन मजदूरों को मुख्तलिफ स्कीमों का फायदा दिलाना है. साथ ही एप की मदद से मज़दूरों की सेहत पर निगरानी रखने में भी सहूलियत होगी.
यूपी हुकूमत के मुताबिक, 'प्रवासी राहत मित्र' एप की मदद से मज़दूरों का डेटा इकट्ठा कर मुस्तकबिल में उन्हें उनके काबिलियत के हिसाब से नौकरी और रोज़गार मुहय्या करने का इंतेज़ाम किया जाएगा. एप में डेटा डुप्लीकेशन ना हो इसके लिए यूनीक मोबाइल नंबर को बुनियाद बनाया गया है. सभी जिलों के डीएम की कयादत में डेटा कलेक्शन की जिम्मेदारी मेहकमा शहरी तरक्की और देहाती इलाकों में मेहकमा पंचायती राज को सौंपी गई है. इस एप से इकट्ठा किए गए डेटा को इंटीग्रेटेड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम पर स्टोर किया जाएगा.
औरंगाबाद रेल हादसे के बाद वज़ीरे आला योगी ने एक बार फिर दूसरे सूबों से उत्तर प्रदेश लौटने के ख्वाहिशमंद मज़दूरों से अपील है कि वे साइकिल से या पैदल न आएं. सीएम योगी ने ट्वीट किया, ''सभी कामगार व मज़दूर बहनों-भाइयों से मेरी अपील है कि आप लोग दूसरे सूपों से घर आने के लिए साइकिल या पैदल न चलें. पैदल चलना आपकी सेहत व सिक्योरिटी के लिए खतरा हो सकता है. यह इम्तेहान का वक्त है. सब्र बनाए रखिए, आप सबकी महफूज़ वापसी का इंतेज़ाम किया जा रहा है.''
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