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भोपाल/इंदौरः तकनीक और तरक्की इंसानों के हक में होते हैं. यह इंसानों की जिंदगी को आसान और सुविधाजनक बनाते हंै, लेकिन यह बिल्कुल निर्दोष भी नहीं है. इंसानों की इसकी कीमत भी चुकानी होती है. कई बार यह इंसानों की जिंदगी पर ही भारी पड़ने लगते हैं. अभी हाल ही में खबर आई थी कि लोग अमेजन और फ्लिप्कार्ट जैसे ई-कामर्स कंपनियों से गांजा, भांग और प्रतिबंधित मादक पदार्थ मंगावार इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.
इसके अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप उठेगी. ई-काॅमर्स कंपनियों से घर बैठे आॅर्डर कर सामान मंगवाने का चलन और सुविधा इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है.
मतृक के पिता ने ऑनलाइन कंपनी को कटघरे में खड़ा किया
पुलिस सूचना के मुताबिक, इंदौर के लोधी कॉलोनी निवासी आदित्य ने 29 जुलाई को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को आदित्य के पिता ने प्रशासन को आवेदन दिया कि उनके बेटे को ऑनलाइन कंपनी ने सल्फास आसानी से उपलब्ध कर दी थी. आदित्य के पिता ने प्रशासन को डिलेवरी से संबंधित तमाम दस्तावेज भी सौंपा है. इससे पहले भिंड में सूखे पत्तों के स्थान पर गांजे की ऑनलाइन आपूर्ति की गई थी. इस मामले के सामने आने के बाद राज्य के गृहमंत्री ने कहा था कि ऑनलाइन बिजनेस कंपनियों को लेकर प्रदेश सरकार गाइडलाइन बनाएगी.
ई-काॅमर्स कंपनियों के लिए सरकार बनाएगी कानून
मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों में ऑन लाइन सामग्री की आपूर्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं. नया मामला इंदौर का है जहां एक व्यक्ति ने ऑनलाइन जहर मंगाकर खा लिया. इस मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है. राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में नामानिगारों से चर्चा के दौरान कहा कि इंदौर में ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन से जहर मंगाकर आत्महत्या करने का मामला निहायत ही तशवीशनाक है. वहीं भिंड में अमेजॉन से ऑनलाइन गांजा बेचने के मामले पर कंपनी के अधिकारियों को तलब कर रहे हैं. डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि ई-कॉमर्स के सभी प्लेटफॉर्म को लेकर प्रदेश सरकार जल्द ही नीति बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगी.
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