Waqf Amendment Act 2025: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2023 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. पार्टी का कहना है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने में विफल है.
Trending Photos
)
Waqf Amendment Act 2025: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2023 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. पार्टी का कहना है कि यह कानून संविधान के प्रमुख प्रावधानों का उल्लंघन करता है और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक व संपत्ति संबंधी स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाता है.
वाईएसआरसीपी का तर्क है कि यह अधिनियम वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने में असफल रहा है और इससे अल्पसंख्यक अधिकारों को खतरा है. पार्टी ने कोर्ट से इस कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है ताकि मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.
पार्टी की तरफ से जारी एक प्रेस नोट जारी कर कहा गया है कि यह अधिनियम भारतीय संविधान के आर्टिकल 13, 14, 25 और 26 का उल्लंघन करता है, जो मौलिक अधिकारों, कानून के समक्ष समानता, धर्म की स्वतंत्रता और धार्मिक संप्रदायों को अपने मामलों का प्रबंधन करने की स्वायत्तता की गारंटी देते हैं.
संविधान के खिलाफ है वक्फ कानून?
पार्टी ने आगे कहा, "अधिनियम की धारा 9 और 14 के तहत गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना वक्फ बोर्डों के आंतरिक कामकाज में हस्तक्षेप करता है और उनके धार्मिक चरित्र को कमजोर करता है." पार्टी ने कहा कि धार्मिक संस्थानों को प्रशासनिक रूप से स्वतंत्र रहना चाहिए और चेतावनी दी कि बाहरी हस्तक्षेप सांप्रदायिक सद्भाव और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को नुकसान पहुंचा सकता है.
कब पास हुआ था वक्फ कानून
गौरतलब है कि संसद ने 4 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पारित किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अगले ही दिन इस पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया. कई संगठनों और विपक्षी सांसदों ने अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.