हाए क्या दौर-ए-ज़िंदगी गुज़रा..वाक़िए हो गए कहानी से, गुलज़ार देहलवी के इंतेकाल पर खास

हाए क्या दौर-ए-ज़िंदगी गुज़रा..वाक़िए हो गए कहानी से, गुलज़ार देहलवी के इंतेकाल पर खास

मेरा मक़सद किसी शायर पर न तो तनक़ीद करना है...न ही कोई नया तनाज़ा पैदा करना है...दौरे हाज़िर में जो शायर हैं वो अच्छी शायरी कर रहे हैं...उर्दू अदब उन्हे याद रखेगा...लेकिन.......

Jun 13, 2020, 08:14 PM IST

भर दो झोली मेरी या मुहम्मद लौट कर मैं ना जाउंगा खाली | रंग तरंग एक नई आवाज़

सुनिए "भर दो झोली मेरी या मुहम्मद" इंज़माम ख़ान निज़ामी की आवाज़ में

Feb 20, 2020, 08:00 PM IST
मुआशरे की तस्वीर को ना सिर्फ़ तामीर करें बल्कि इसे ख़ूबसूरत बनाने में भी खुद को लगाएं

मुआशरे की तस्वीर को ना सिर्फ़ तामीर करें बल्कि इसे ख़ूबसूरत बनाने में भी खुद को लगाएं

वो इस फ़िराक़ में बैठे हैं कि मैं पहल करूं..मैं इस फ़िराक़ में हूं कि वो पहल करे

Feb 18, 2020, 02:19 PM IST
पढें जां निसार अख्तर के यौमे पैदाइश पर उनके कुछ ख़ास शेर

पढें जां निसार अख्तर के यौमे पैदाइश पर उनके कुछ ख़ास शेर

उन्होंने अपनी शायरी में महबूब से बातों के अलावा अपनी ज़िंदगी की कुछ आप-बती को बयान किया है. तो आइए आज उनके यौमे पैदाइश के मौके पर हम आपको उनके शेरों से रूबरू कराते हैं.

Feb 18, 2020, 12:24 PM IST
यौमे पैदाईश पर ख़ास: पढ़ें बेमिसाल शायर जां निसार अख्तर की जिंदगी के बारे में

यौमे पैदाईश पर ख़ास: पढ़ें बेमिसाल शायर जां निसार अख्तर की जिंदगी के बारे में

जां निसार अख्तर के दादा फज्लहक खैराबादी, ताया बिस्मिल खैराबादी और वालिद मुज़्तर खैराबादी अपने दौर के उस्ताद शायरों में शुमार किए जात थे और घर के शायराना मोहौल की वजहर से ही वो महज़ 13 साल की उम्र में ही शेर कहने लगे थे. 

Feb 18, 2020, 11:27 AM IST

तू माने या ना माने दिलदारा असां ते तनु रब मनया | ताबिश अली

सुनिए तू माने या माने दिलदारा ज़ी सलाम के खाम प्रोग्राम "रंग तरंग" में

Feb 17, 2020, 11:40 AM IST
कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और ...

कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और ...

उन्नीसवीं सदी के शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की अज़मत का राज़ सिर्फ़ उनका तर्ज़े बयान ही नहीं है बल्कि उनका असल कमाल ये है के वो ज़िंदगी के हक़ायक़ और इंसानी नफ़सियात को गहराई में जाकर समझते थे और बड़ी ही सादगी से अवाम के सामने रख देते

Feb 15, 2020, 04:57 PM IST

राह-ए-नजात - शादी अपनी मर्ज़ी से करें या वालिदैन की?

अल्लाह तआला रब्बुल अज़ीम हम सब को कहने, सुनने और सिर्फ पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फ़रमाये और हमारे रसूल नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई सुन्नतों और उनके बताये हुए रास्ते पर हम सबको चलने की तौफीक अता फ़रमाये

Feb 2, 2020, 03:35 PM IST
जानिए क्यों लिखा मुनव्वर राना ने "मुहाजिरनामा" और क्या था उनका मक़सद

जानिए क्यों लिखा मुनव्वर राना ने "मुहाजिरनामा" और क्या था उनका मक़सद

 कुछ लोग पाकिस्तान से हिंदुस्तान आ रहे था और कुछ लोग हिंदुस्तान से पाकिस्तान जा रहे थे जिनको यह ग़फलत थी कि हमारा मुस्तकबिल हिंदुस्तान में तारीक के सिवा कुछ भी नहीं वो अपने इस मुल्क को छोड़ पाकिस्तान चले गये और उन्हें ऐसा लग रहा था कि हमें पाकिस्तान मे ज़्यादा इज्ज़त मिलेगी और हिंदुस्तान अब हमारा मुल्क नहीं रहा. 

Jan 21, 2020, 01:47 PM IST