ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है...

ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है..ऐसी तन्हाई को मर जाने को जी चाहता है..पहले तालीम से तुम मोड़ दिए जाओगे..फिर किसी ज़ुर्म से तुम जोड़ दिए जाओगे..हाथ से हाथ की जंजीर बना कर निकलो..वरना धागे की तरह तोड़ दिए जाओगे

Feb 18, 2020, 04:22 PM IST

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