Sidnaaz के आखिरी गाने में गलत पढ़ा गया यह मशहूर शेर, लोग असली शेर उठाकर देने लगे ज्ञान
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Sidnaaz के आखिरी गाने में गलत पढ़ा गया यह मशहूर शेर, लोग असली शेर उठाकर देने लगे ज्ञान

गाने के आगाज़ में शहनाज़ गिल (Shahnaaz Gill) एक शेर बोलती हैं, जो बहुत मशहूर है. शहनाज जो शेर बोल रही हैं वो कुछ इस तरह है कि 'बिछड़ा इस कदर कि रुत ही बदल गई | इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया.' 

Sidnaaz के आखिरी गाने में गलत पढ़ा गया यह मशहूर शेर, लोग असली शेर उठाकर देने लगे ज्ञान

नई दिल्ली: सिद्धार्थ शुक्ला (Sidharth Shukla) का मोस्ट अवेटेड सॉन्ग हेबिट (Habit) रिलीज हो गया है. सिद्धार्थ शुक्ला (Sidharth Shukla) की मौत के बाद यह गाना अधूरा रह गया था लेकिन अब इसको रिलीज़ कर दिया गया है. गाने में सिडनाज़ (Sidnaaz) रोमांटिक अंदाज़ में देखे जा सकते हैं. गाना रिलीज होने के कुछ ही घंटों में इसे मिलियंस में व्यूज मिल चुके हैं. 

गाने के आगाज़ में शहनाज़ गिल (Shahnaaz Gill) एक शेर बोलती हैं, जो बहुत मशहूर है. शहनाज जो शेर बोल रही हैं वो कुछ इस तरह है कि 'बिछड़ा इस कदर कि रुत ही बदल गई | इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया.' गाने के साथ साथ इस शेर को लोग खूब पसंद कर रहे हैं लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि गाने में शेर को गलत बोला गया है. लोगों का कहना है कि यह शेर इस तरह नहीं है, इस में कुछ नए लफ्ज़ जोड़े गए हैं, जो असली शेर से अलग हैं.

इस तरह की आवाज उठने के बाद जब हमने इस शेर की तहकीक की तो पता चला कि हकीकत में यह शेर इस तरह नहीं है, जिस तरह गाने में बोला गया है. उर्दू साहित्य की सबसे बड़ी वेबसाइट रेख्ता पर हमने देखा कि इस शेर को लिखने वाले शायर का नाम ख़ालिद शरीफ़ (Khalid Sharif) है. जिन्होंने यह शेर कुछ इस तरह लिखा है कि "बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई | इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया".

गाने में इस्तेमाल किया गया शेर
बिछड़ा इस कदर कि रुत ही बदल गई
इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया.


खालिद शरीफ के ज़रिए लिखा गया शेर
बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई 
इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया

देखिए गाना:

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