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नई दिल्ली: दुनिया का सातवाँ अजूबा आगरा का ताजमहल दक्षिणपंथी संगठनों के निशाने पर है. लम्बे अरसे से प्रचारित किया जाता रहा है, और ये नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि ताजमहल, कोई ताजमहल नहीं बल्कि तेजोमालय मंदिर हैं. मुगलों ने तेजोमालय मंदिर को तोड़कर ताजमहल बनाया था! अब इस अफवाह पर लोग भरोसा करने लगे हैं. ताजमहल के सारे हिफाजती अमले को तोड़कर आये दिन यहाँ कोई न कोई पूजा-पाठ करने पहुंच जा रहा है. ताजमहल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नाबालिग कथावाचक विदुषी लक्ष्मी शिव तांडव का स्तुति गान करती हुई नज़र आ रही हैं.
विदुषी लक्ष्मी बता रही है कि ताजमहल एक ऐसा मकबरा है, जिसमे कमल का फूल है, और जिसके पास में एक नदी बह रही है. दरअसल, ये ताजमहल नहीं बल्कि तेजोमहालय मंदिर है. लक्ष्मी ने कहा कि 31 अक्टूबर को परेश रावल की फिल्म 'ताज' रिलीज हो रही है, जो इसकी सच्चाई से पर्दा हटा देगी. वो बता रही है कि वो पहली बार तेजोमहालय मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची है. ये भोलेनाथ का आशीर्वाद है. फिर वो शिव तांडव वाला स्तुति गान करती है.
ये वीडियो कब जारी किया गया है. इसकी अभी सूचना नहीं मिली है.. लेकिन तय माना जा रहा है कि ये इसी साल अक्टूबर की हो सकती है, क्यूंकि लड़की बोल रही है कि 31 अक्टूबर को ताज पर बनी 'दी ताज स्टोरी' फिल्म रिलीज होगी. हालांकि, इस फिल्म को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है, ओइर अभी ये रिलीज भी नहीं हुई है. ऐसा माना जा रहा है कि 'केरला स्टोरी' की तरह ये फिल्म भी एक प्रोपगैंडा फिल्म है, जिसका मकसद उस नैरेटिव को मजबूत करना है, जिसे संघ परिवार वर्षों से जनता के बीच मजबूत करना चाह रहा है.
वहीँ, लोग इस वीडियो को देखकर ये अनुमान लगा रहे हैं कि ये विडियो फेक भी हो सकता है.. और अगर ये फेक नहीं भी है, तो ताजमहल की हिफाजत में लगे पुलिसकर्मी क्या कर रहे हैं. क्या वो जान- बूझकर ऐसे लोगों को ताजमहल के अंदर प्रवेश करने में मदद कर रही है, ताकी ऐसे मुद्दों को हवा दिया जा सके?
फिलहाल इस मामले में अभी किसी पुलिसकर्मी का बयान नहीं आया है.
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