लोकसभा चुनाव की दिशा और दशा तय करेंगे ये 10 लोग; देखें
Siraj Mahi
Mar 17, 2024
नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए कोशिश कर रहे प्रधानमंत्री मोदी न केवल भारत पर अपने चुनावी प्रभुत्व की मुहर लगाना चाहते हैं, बल्कि पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए लगातार एक और जीत के साथ इतिहास रचने की कोशिश में हैं.
अमित शाह केंद्रीय मंत्रिमंडल में अघोषित 'नंबर 2' और भाजपा के 'चाणक्य' कहे जाने वाले अमित शाह एक बार फिर अपनी पार्टी की रणनीति में सबसे अहम किरदार अदा करेंगे. चाहे अनुच्छेद 370 को निरस्त करना हो, संशोधित नागरिकता कानून (CAA), उन्होंने गृह मंत्री के तौर रूप में कई मुश्किल हालात में सरकार को संभाला है.
राहुल गांधी कांग्रेस अपने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी के लिए ‘वैचारिक धुरी’ कहती है. कन्याकुमारी से कश्मीर तक की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने उनकी छवि में बदलाव किया, लेकिन राज्यों के विधानसभा चुनावों में हार ने इस पर सवालिया निशान लगा दिया है कि उनकी यात्रा कितनी प्रभावी थी.
मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के कार्यकर्ता से शुरुआत कर अध्यक्ष तक पद तक पहुंचे मल्लिकार्जुन खरगे सक्रिय राजनीति में पांच दशक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अक्टूबर, 2022 में पार्टी की कमान संभाली. 81 साल के खरगे को अब कांग्रेस का नेतृत्व करते हुए अपनी सबसे कड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है.
ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. लेकिन इससे पहले विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के साथ प्रदेश में उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर ऊहापोह की स्थित लंबे समय तक बनी रही. बनर्जी पश्चिम बंगाल में भाजपा को कड़ी टक्कर देती हैं.
नीतीश कुमार बिहार की सत्ता में बने रहने और आसानी से राजनीतिक गठबंधन बदलने के अपने कौशल के लिए जाने जाने वाले कुमार ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर पाला बदला है. 73 साल के नेता का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जाना, ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ.
शरद पवार शरद पवार भारतीय राजनीति के दिग्गजों में शुमार किए जाते हैं. अपने ही भतीजे अजित पवार से परेशान और धोखा खाने वाले 83 साल के मराठा नेता शायद अपने करियर के आखिरी पड़ाव में सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं.
एम के स्टालिन द्रमुक सुप्रीमो ने तमिलनाडु में अपना प्रभुत्व स्थापित किया है और दक्षिणी राज्य में भाजपा के खिलाफ विपक्ष की बड़ी ताकत हैं. स्टालिन से तमिलनाडु में विपक्षी गठबंधन को अहम चुनावी बढ़त दिलाने की उम्मीद है.
तेजस्वी यादव राजद नेता फिर से बिहार में विपक्ष में हैं, लेकिन ‘इंडिया’ गठबंधन में उनका कद बढ़ गया है. 34 साल के यादव ने बिहार में विपक्षी समूह का उत्साहपूर्वक नेतृत्व किया है और कई लोग उन्हें बिहार में उनके पिता लालू प्रसाद की विरासत के सक्षम उत्तराधिकारी के रूप में देखते हैं.
असदुद्दीन औवेसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख ने अक्सर विधानसभा चुनावों में विपक्षी गठबंधन के लिए ‘खेल बिगाड़ने’ की भूमिका निभाई है और कुछ नेताओं ने उन्हें भाजपा की ‘बी-टीम’ करार दिया है. ओवैसी तेलंगाना के अलावा देश के दीगर हिस्सों में अपनी पार्टी के बढ़ने और चुनाव लड़ने के अधिकार को लेकर दृढ़ रहे हैं.