बशीर बद्र के चुनिंदा शेर; 'ख़ुदा ऐसे एहसास का नाम है'

Siraj Mahi
Sep 05, 2023

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में... तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली... दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली

तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा... यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो

हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं... दिल हमेशा उदास रहता है

न जी भर के देखा न कुछ बात की... बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की

ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने... बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला

पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला... मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा

ख़ुदा ऐसे एहसास का नाम है... रहे सामने और दिखाई न दे

ग़ज़लों का हुनर अपनी आंखों को सिखाएंगे... रोएंगे बहुत लेकिन आंसू नहीं आएंगे

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