गैर मु्स्लिम मां के साथ मु्लिम बच्चे इस तरह करें बर्ताव, इस्लाम ने बताया बेहतरीन तरीका
Siraj Mahi
Oct 28, 2023
मजहबे इस्लाम में औरतों के साथ बहुत अच्छा सुलूक करने की ताकीद की गई है.
अपने मां-बाप के साथ और भी हुस्न सुलूक करने का हुक्म दिया गया है.
इस्लाम में मां का बहुत बड़ा और ऊंचा दर्जा बताया गया है. मां के कदमों तले जन्नत बताई गई है.
एक हदीस के मुताबिक मां का दर्जा बाप से भी कहीं ज्यादा है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी की मां अगर मुसलमान नहीं है, तो उसके साथ कैसा सुलूक किया जाए.
हदीस बुखारी मुस्लिम में गैर-मुस्लिम मां के साथ कैसे बर्ताव करना है, इसके बारे में बताया गया है.
हदीस के मुताबिक "हजरत अबू बक्र (र.) की बेटी हजरत अस्मा (र.) कहती हैं कि हुदैबिया के जमाने में मेरी मां मेरे पास आईं. उस वक्त तक उन्होंने इस्लाम कबूल नहीं किया था. मैंने पूछा कि ऐ अल्लाह के रसूल! मेरी मुशरिक मां मेरे पास आई हैं, जो अब तक गैर- मुस्लिम हैं, जबकि मैं इस्लाम को मानती हूँ. वे चाहती हैं कि मैं उन्हें कुछ दूं, तो क्या मैं दे सकती हूं?"
इस पर "आप (स.) ने फरमाया; हां उनके साथ रिश्ता बनाए रखो. उनके साथ भी वही सुलूक करो जो अपनी माँ के साथ करने का हुक्म है. तुम उन्हें जो कुछ भी चाहो दे सकती हो. उनका ख्याल रखो." उनसे रिश्ता तोड़ने का हुक्म नहीं है. उनके सारे हक़ अदा करने हैं."
गैर मु्स्लिम मां के साथ कैसा सलूक किया इसके बारे में कुरान में भी जिक्र आया है.
कुरान में है कि "अगर माँ तुझे शिर्क करने के लिए तुम पर दबाव डालें तो उनके दबाव में न आना, लेकिन दुनिया में उनके साथ शरीफों और मोमिनों जैसा बर्ताव करना" (सूरा- लुकमान).