फ़िराक़ गोरखपुरी
हम से क्या हो सका मोहब्बत में ख़ैर तुम ने तो बेवफ़ाई की

Tahir-Kamran
May 23, 2023

अहमद फ़राज़
चला था ज़िक्र ज़माने की बेवफ़ाई का सो आ गया है तुम्हारा ख़याल वैसे ही

महताब आलम
दिल भी तोड़ा तो सलीक़े से न तोड़ा तुम ने बेवफ़ाई के भी आदाब हुआ करते हैं

क़ैसर-उल जाफ़री
तू इस तरह से मिरे साथ बेवफ़ाई कर कि तेरे बाद मुझे कोई बेवफ़ा न लगे

अमीता परसुराम मीता
अब ज़माना है बेवफ़ाई का सीख लें हम भी ये हुनर शायद

ख़्वाजा मीर दर्द
नहीं शिकवा मुझे कुछ बेवफ़ाई का तिरी हरगिज़ गिला तब हो अगर तू ने किसी से भी निभाई हो

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