Chandrayaan-3 Mission Facts
चंद्रयान-3 मिशन चांद के साउथ पोल के लिए है. जहां बर्फ, पानी या फिर कई दूसरे एलिमेंट मिलने की संभावना है.

Sami Siddiqui
Aug 23, 2023

चंद्रयान लैंडर
चंद्रयान लैंडर की ऊंचाई 2 मीटर है और उसका वजन 1700 किलोग्राम से ज्यादा है. वहीं इसका रोवर 26 किलोग्राम का है.

रोवर का काम?
लैंडिग के बाद रोवर 500 मीटर के इलाके का मुआयना करेगा और वातावरण की जांच करेगा.

पहले मिशन हुआ था फेल
इससे पहले चंद्रयान-2 मिशन फेल हो गया था. इसका कारण सॉफ्ट लैंडिंग ना होना था.

बड़ी चुनौतियां
चंद्रयान-3 मिशन में तीन बड़ी चुनौतियां हैं. पहली सॉफ्ट लैंडिंग, दूसरा लैंडर लैंडिंग के दौरान सीधा रहे और तीसरी लैंडिंग ISRO के जरिए निर्धारित जगह पर ही हो.

भारत ऐसा करने वाला चौथा देश
अगर ये मिशन कामयाब हो जाता है तो भारत ऐसा चौथा देश होगा जिसने चांद पर लैंड किया है.

1 महीने से ज्यादा वक्त लगा
चंद्रयान मिशन-3 14 जुलई को आंध्र प्रदेश से लॉन्च किय गया था. अब लैंडिंग 23 अगस्त शाम 6 बजकर 4 मिनट पर होगी. यानी पृथ्वी से चांद की सतह तक पहुंचने में 40 दिन का वक्त लगा है.

14 दिन चादं पर रहेगा लैंडर
लैंडिंग के बाद लैंडर चंद्रयान से बाहर आएगा और 14 दिनों तक चांद की सतह पर रहेगा.

14 दिनों के बराबर एक दिन
चांद का एक दिन पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है.

भारत पर रूस की नजर
भारत पर रूस लगातार नजर बनाए हुए है. क्योंकि हाल ही में रूस का लूना-25 मिशन फेल गया है.

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