Independence Day 2023
भारत की आजादी में न जाने देश के कितने बहादुर बेटों ने अपनी जान गवाई है. आज हम एक ऐसे ही शख्स के बारे में बात करेंगे, जिन्होंने मुल्क की आज़ादी के लिए मुसलमानों को एकजुट करने को फतवा जारी कर दिया था..

Sami Siddiqui
Aug 14, 2023

मुसलमान एक मंच पर
यह वह शख्स था जिसके फतवे ने मुसलमानों को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया और उन्होंने अंग्रोजों के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया.

Fazl-E-Haq Khairabadi
इस महान शख्स का नाम फज्ल-ए-हक खैराबादी था, जिन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ 'जिहाद का फतवा' दिया. इसका असर ये हुआ कि हजारों मुसलमान मुल्क के लिए कु्र्बान होने को तैयार हो गए.

खैराबादी ने दिया फतवा
26 जून 1857 को जुमे की नमाज के दौरान खैराबादी ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ जिहाद करने का फतवा दिया था और लोगो से जंग ए आज़ादी में शामिल होने की अपील कि थी.

क्या था इस फतवे में
फतवे में लिखा कि अंग्रेजों का देश में रहना हराम है. जिसका असर ये हुआ कि हजारों की तादाद में मुसलमान अंग्रोजों के खिलाफ जंग के लिए तैयार हो गए और दिल्ली के लिए कूच करने लगे.

ब्रिटिश सरकार घबरा गई
मुसलमानों की इस तरह से एकजुटता को देखकर ब्रिटिश सरकार घबरा गई और करीब 90,00 सैनिको को उन्हें रोकने के लिए उनके रास्ते पर खड़ा कर दिया.

हजारों की तादा में शहीद हुए मुसलमान
1857 की जंग में हजारों की तादाद में मौलवियों, आलिमों और मदरसे में पढ़ने वाले बच्चें शहीद हुए. लेकिन इस जंग ने अंग्रेजों की कड़िया हिला दीं.

उत्तर प्रदेश में जन्में
खैराबादी का जन्म उत्तर प्रदेश के खैराबद सीतापुर में 1796 में हुआ था. उनके पिता मुगलों के चीफ एडवाइजर हुआ करते थे.

गिरफ्तार हो गए खैराबादी
कुछ वक्त बाद खैराबादी को गिरफ्तार कर लिया गया और काला पानी की सजा सुनाई गई.

जेल में ही निधन
2 साल कैद में रहने के बाद उनका 20 अगस्त 1861 में निधन हो गया.

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