गैर-मुस्लिमों पर न किया जाए जुल्म, गैर-मुस्लिमों के हक पर क्या कहता है इस्लाम?

Siraj Mahi
Oct 30, 2023


इस्लाम धर्म हक की बात करता है. इस्लाम में मां-बाप, भाई-बहन, पड़ोसी, मेहमान और गरीबों के हक के बारे में बताया गया है.


इसके साथ ही इस्लाम में गैर-मुस्लिम नागरिकों के हक के बारे में भी बताया गया है.


इस्लाम में बताया गया है कि गैर मुस्लिम नागरिकों के जान-माल को नुक्सान न पहुंचाओ. इस्लाम में गैर-मुस्लिम नागरिकों पर जुल्म करने से मना किया गया है.


इस्लाम में इस बात की ताकीद की गई है गैर-मुस्लिम नागरिकों पर उनकी ताकत से ज्यादा बोझ न डालो.


इस्लाम में गैर-मुस्लिम नागरिकों की कोई भी चीज उनकी रजामंदी के बगैर लेने से मना किया गया है.


एक हदीस में हैं कि इस्लामी हुकूमत में किसी गैर-मुस्लिम नागरिक की सुरक्षा का जिम्मा मुसलमानों ने लिया और उन पर जुल्म हुआ तो उनकी पकड़ होगी.


यह गौरतलब है कि इस्लाम किसी भी गैर-मुस्लिम शख्स को जबरन इस्लाम में दाखिल करने से मना करता है.


इस्लाम में गैर-मुस्लिम को सिर्फ इल्लाम की दावत देने का हुक्म दिया गया है. किसी को उसकी मर्जी के खिलाफ इस्लाम धर्म अपनाया नहीं जा सकता है.


कुरान में जिक्र है कि "इस्लाम सभी को अपने मजहब पर चलने की छूट देता है."

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